Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti Prakram Diwas 2024 wishes: 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस जी की 128वीं जयंती मनाई जा रही है। इस दिन को हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज के ही दिन साल 1897 में उड़ीसा के कटक में देश के वीर और भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था। उन्होंने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने के लिए अहम लड़ाई लड़ी थी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर स्कूलों, कॉलेजों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके जरिए बच्चों को सुभाष चंद्र बोस के बलिदान के बारे में बच्चों को बताया जाता है। इसके साथ ही इस खास मौके पर लोग एक दूसरे को बधाईयां भी देते हैं। अगर आप भी पर सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती और पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो ये मैसेज, कोट्स, शायरी भेज सकते हैं। यहां देखें पराक्रम दिवस विशेज, कोट्स, शायरी, फोटोज, वीडियोज, GIF।
Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti Prakram Diwas 2024 wishes in Hindi
1. भारत माता तेरी गाथा
सब से ऊँची तेरी शान
तेरे आ गे शीश झुकाये
दे तुझको हम सब सम्मान
भारत माता की जय
पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
2. गुलामी जिन्दा इंसान को भी लाश बना देती है
इसलिए अपनी व्यक्तिगत आजादी और
देश की आजादी के लिए
हमेशा लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए
पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
3. चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें
शहीदों के दिल में जो थी, वो ज्वाला याद कर लें
जिसमें बहकर आज़ादी पहुची थी किनारे तक
देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें
पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
4. हौसला बारूद रखते हैं
वतन के कदमों में जान मौजूद रखते हैं
हस्ती तक मिटा दे दुशमन की
हम फौजी हैं फौलादी जिगर रखते हैं
पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
5.वो पराधीनता का दौर था, जब युवा आजादी को अपना लक्ष्य मानते थे
अब देश आजाद है, अब युवाओं का लक्ष्य, देश की तरक्की होनी चाहिए
पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
6. जिस व्यक्ति के अंदर ‘सनक’ नहीं होती,
वो कभी महान नहीं बन सकता
लेकिन उसके अंदर, इसके आलावा भी,
कुछ और होना चाहिए
पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
7. लिख रहा हूं मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा,
मैं रहूं या न रहूं पर ये वादा है तुमसे मेरा
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा।
सुभाष चंद्र बोस जयंती की बधाई
8.आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे,
बची हो जो एक बूंद भी लहू की,
तब तक भारत माता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे।
पराक्रम दिवस की बधाई
