गलतियों पर पछताना छोड़ आगे बढ़ें, महागौरी से सीखें मन को हल्का करने का महाउपाय

नवरात्रि का आठवां दिन इस बात पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है कि हम अपने अतीत की गलतियों की सजा खुद को देना कब बंद करेंगे।

शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। देशभर में इस त्योहार की धूम है। नवरात्रि के आठवें दिन (महाष्टमी) मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। हालांकि इस साल अष्टमी और नवमी, दोनों नौवें दिन (19 अक्टूबर) पड़ी है। हिंदू परंपरा में मां महागौरी को पवित्रता, शांति और आंतरिक नवीनीकरण का प्रतीक माना जाता है। जीवन में मानसिक शांति तलाश रहे लोगों के लिए महाष्टमी का यह दिन आत्म-क्षमा और पुरानी गलतियों या पछतावे को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का खास संदेश देता है।

Mahagauri

मा महागौरी से सीखें मन को शांत और हल्का रखने का तरीका

नवरात्रि का आठवां दिन इस बात पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है कि हम अपने अतीत की गलतियों की सजा खुद को देना कब बंद करेंगे। अक्सर लोग किसी पुरानी बात, टूटे हुए रिश्ते, किसी गलत फैसले या अतीत की अनबन को महीनों या सालों तक अपने मन में ढोते रहते हैं और खुद को ही दोषी मानते रहते हैं।

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