Mahatma Jyotiba Phule Jayanti Photo: महात्मा ज्योतिबा फुले (Jyotiba Phule) एक महान भारतीय समाज सुधारक, विचारक, समाजसेवी, लेखक और दार्शनिक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, महिलाओं, दलितों एवं पिछड़े वर्ग के उत्थान तथा सामाजिक जड़ताओं व कुरीतियों को दूर करने के लिए समर्पित कर दिया। उनका जन्म 11 अप्रैल, 1827 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उन्होंने महिलाओं और दलितों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य सामाजिक समानता और न्याय स्थापित करना था। उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला। उन्होंने जातिवाद और अस्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कई पुस्तकें और लेख लिखे, जिनमें 'गुलामगिरी' और 'शूद्रक' प्रमुख हैं। आज महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में इस खास मौके पर आप अपनों के साथ उनके विचारों को शेयर कर सकते हैं।
Jyotiba Phule Jayanti wishes Quotes in Hindi
1. स्वार्थ अलग-अलग रूप धारण करता है। कभी जाति का रूप लेता है तो कभी धर्म का।
2. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक नहीं होगा, जब तक खान -पान एवं वैवाहिक सम्बन्धों पर जातीय बंधन बने रहेंगे।
3. अच्छा काम करने के लिए गलत उपायों का सहारा नहीं लेना चाहिए।
4. शिक्षा स्त्री और पुरुष की प्राथमिक आवश्यकता है।
5. परमेश्वर एक है और सभी मानव उसकी संतान हैं।
6. ईश्वर एक है और वही सबका कर्ताधर्ता है।
7. आपके संघर्ष में शामिल होने वालों से उनकी जाति मत पूछिए।
8. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक संभव नहीं है , जब तक खान-पीन एव वैवाहिक संबंधों पर जातीय भेदभाव बने रहेंगे।
9. भारत में राष्ट्रीयता की भावना का विकास तब तक नहीं होगा, जब तक खान -पान एवं वैवाहिक सम्बन्धों पर जातीय बंधन बने रहेंगे।
10. बाल काटना नाई का धर्म नहीं धंधा है चमड़े की सिलाई करना मोची का धर्म नहीं धंधा है इसी तरह पूजा पाठ करना या करवाना ब्राह्मण का धर्म नहीं धंधा है।
11. जातिवाद को मिटाना हमारा सामाजिक दायित्व है।
12. “सभी मनुष्य समान हैं, जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
