Mahashivratri 2025 Recipes: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र और दूध चढ़ाने की परंपरा है। इस खास दिन पर तरह-तरह के पकवान भी बनाए जाते हैं। आइये महाशिवरात्रि की कुछ खास रेसिपीज देखते हैं-
मखाना खीर
व्रत के दौरान हमारे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा की जरूरत होती है। इसके लिए आप मखाने की खीर बनाकर खा सकते हैं। यह एक मीठा व्यंजन है, जो महाशिवरात्रि पर बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले घी में मखाने भून लें। अब एक पैन में दूध चढ़ाएं और इसमें केसर और मखाने डालें। इसमें सूखे मेवों को बारीक काटकर डाल दें। अंत में इसमें इलाइची पाउडर और चीनी डालें। आपकी मखाने की खीर तैयार है।
साबुदाना की खिचड़ी
आप महाशिवरात्रि के दिन साबूदाना खिचड़ी बना सकते हैं। इसे तैयार करने के लिए साबूदाने को एक घंटे के लिए पानी में भिगोएं और आलू को काट लें। एक कढ़ाई में घी गर्म करें और उसमें आलू डालकर भूरा होने तक भूनें। अब आलू को निकालकर इसमें जीरा, हरी मिर्च, मूंगफली और साबूदाना डालकर भून लें। अब इसमें सेंधा नमक, काली मिर्च और पानी डालकर ढक दें। जब साबूदाना मुलायम हो जाए तो इसे धनिया से सजाएं और सेवन करें।
कुट्टू के आटे का चीला
कुट्टू के आटे का चीला बनाने के लिए एक कटोरे में जीरा, कुट्टू का आटा, हरी मिर्च, सेंधा नमक और पानी मिलाएं। एक पैन पर घी डालें और तैयार बैटर को चिमचे की मदद से फैलाएं। जब चीला तैयार हो जाए तो उसपर घिसा हुआ पनीर, सेंधा नमक और अदरक डालकर परोसें। इसके साथ आप इमली की चटनी खा सकते हैं, जिसे इमली, पानी, अदरक का पाउडर, लाल मिर्च और चीनी मिलाकर तैयार किया जाता है।
नारियल लड्डू
महाशिवरात्रि के दिन नारियल लड्डू बनाने के लिए एक कप कद्दूकस किया हुआ नारियल में गुड़ की चाश्नी मिलाकर बना सकते हैं। ये लड्डू स्वादिष्ट भी होता है।
ड्राई फ्रूट ठंडाई
ड्राई फ्रूट ठंडाई बनाने के लिए एक लीटर दूध में चीनी डाल कर उबाल कर ठंड कर लें। अब बादाम, किशमिश, काजू, छुहाड़ा, पिस्ता, काली मिर्च, सौंफ को गर्म पानी में रात भर के लिए भिगा कर रख दें। अगले दिन इसे महीन पीस लें और ठंडे दूध में मिला दें। अब एक कटोरी में थोड़ा सा दूध लेकर उसमें केसर के चार से पांच धागे भिगों कर ठंडे दूध में मिला दें। हो गई ठंडाई तैयार। अब चाहे तो ठंडाई में ताजी भांग की पीसी पत्तियों को मिला दें या सादा ही पीएं।
