Amla Murabba Recipe: सर्दियों की धूप, खाने के बाद मीठे की हल्की-सी इच्छा और सामने रखा आंवले का मुरब्बा। यह स्वाद जितना पुराना है, उतना ही आज भी पसंद किया जाता है। हालांकि घर पर मुरब्बा बनाते समय एक शिकायत अक्सर सुनने को मिलती है- कभी आंवला सख्त रह जाता है, तो कभी पकाते समय टूटने लगता है। चाशनी भी कुछ दिनों बाद पतली पड़ जाती है।
आंवले का मुरब्बा रेसिपी
Kabita’s Kitchen के वीडियो में आंवले का मुरब्बा बनाने का आसान तरीका बताया गया है। इसकी खास बात यह है कि रेसिपी मुश्किल नहीं लगती। बस आंवले को तैयार करने, चाशनी पकाने और मुरब्बे को स्टोर करने के दौरान थोड़ी सावधानी रखनी होती है। आइए इसी होम-स्टाइल अंदाज में जानते हैं आंवले का मुरब्बा बनाने की रेसिपी।
आंवले का मुरब्बा बनाने की सामग्री
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| ताजे आंवले | 1 किलो |
| चीनी | 1 से 1.25 किलो |
| पानी | जरूरत के अनुसार |
| इलायची पाउडर | ½ छोटा चम्मच |
| काला नमक | स्वादानुसार, वैकल्पिक |
| केसर | कुछ धागे, वैकल्पिक |
चीनी की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार थोड़ी कम या ज्यादा की जा सकती है। हालांकि मुरब्बे को लंबे समय तक रखना हो तो चीनी बहुत कम न करें।
मुरब्बा बनाने के लिए आंवले को कैसे तैयार करें
आंवले खरीदते समय बड़े, हल्के पीले और बिना दाग वाले फल चुनें। बहुत छोटे या चोट लगे आंवले पकाते समय जल्दी टूट सकते हैं।
आंवलों को दो से तीन बार साफ पानी से धो लें। अब एक बड़े बर्तन में इतना पानी गर्म करें कि सभी आंवले उसमें डूब सकें। पानी में उबाल आने पर गैस धीमी करें और आंवले डाल दें। इन्हें जरूरत भर ही पकाएं। आंवले नरम होने चाहिए, लेकिन उनकी फांकें अलग नहीं होनी चाहिए।
आंवले को पानी से निकालकर ठंडा होने दें। इसके बाद कांटे या टूथपिक से हर आंवले में चारों तरफ हल्के छेद कर दें। यही छोटी-सी तैयारी चाशनी को फल के अंदर तक पहुंचाने में मदद करती है।
आंवले के मुरब्बे की चाशनी कैसे बनाएं
एक चौड़े और भारी तले वाले बर्तन में चीनी और थोड़ा पानी डालें। धीमी आंच पर चीनी को घुलने दें। बीच-बीच में इसे चलाते रहें, लेकिन बहुत तेज आंच न रखें।
चीनी पूरी तरह घुल जाए तो इसमें तैयार आंवले डाल दें। अब धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं। आंवले जैसे-जैसे चाशनी सोखेंगे, उनका रंग हल्का पारदर्शी और चमकदार दिखाई देने लगेगा।
यहां जल्दबाजी मुरब्बे का स्वाद बिगाड़ सकती है। आंच तेज होने पर चाशनी जल्दी गाढ़ी हो जाएगी, जबकि आंवले अंदर से फीके रह सकते हैं। इसलिए इसे आराम से पकने दें।
चाशनी हल्की गाढ़ी हो जाए तो गैस बंद कर दें। आखिर में इलायची पाउडर या केसर डाल सकते हैं। मुरब्बे को तुरंत जार में भरने के बजाय बर्तन में ही पूरी तरह ठंडा होने दें।
चाशनी में एक दिन रखने से बढ़ेगा स्वाद
मुरब्बे को पकाने के बाद कुछ घंटों या रातभर चाशनी में रहने दें। इस दौरान आंवला मिठास को अंदर तक सोखता है। अगले दिन चाशनी बहुत पतली दिखाई दे तो आंवले निकालकर केवल चाशनी को कुछ मिनट और पका सकते हैं। इसके बाद आंवले दोबारा मिला दें।
यह तरीका फल को जरूरत से ज्यादा पकने और टूटने से बचाता है।
आंवले का मुरब्बा खराब होने से कैसे बचाएं
मुरब्बे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए रेसिपी में माप सही होना चाहिए, सभी स्टेप ठीक से फॉलो किए गए हों और इसी के साथ ही जार का साफ और सूखा होना भी जरूरी है।
- कांच के जार को धोकर अच्छी तरह सुखा लें।
- जार या मुरब्बे में पानी की एक बूंद भी न जाने दें।
- मुरब्बा निकालने के लिए हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें।
- आंवले पूरी तरह चाशनी में डूबे रहने चाहिए।
- नमी या अजीब गंध दिखाई दे तो मुरब्बे का सेवन न करें।
मुरब्बा खाने का सही तरीका
आंवले का मुरब्बा स्वादिष्ट जरूर है, लेकिन इसमें चीनी की मात्रा काफी होती है। इसलिए इसे मिठाई समझकर सीमित मात्रा में खाना बेहतर है। सामान्य रूप से एक छोटा आंवला पर्याप्त हो सकता है। डायबिटीज, बढ़े हुए ब्लड शुगर या किसी खास मेडिकल डाइट वाले लोग इसे खाने से पहले डॉक्टर या डायटिशियन की सलाह लें।
