एक समय था जब बच्चे हर छोटी-बड़ी बात के लिए मां-बाप की सलाह-साथ और सपोर्ट देखते थे। लेकिन जैसे-जैसे वे टीनएज में पहुंचते हैं, कई बार तस्वीर बदलने लगती है। अब वही बच्चा आपको बताने लगता है कि क्या पहनना चाहिए, कैसे बात करनी चाहिए, क्या खाना चाहिए या मोबाइल कितना इस्तेमाल करना चाहिए। कई बार वह आपकी हर बात को काट देता है और अपनी राय को ही सही मानता है।
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ऐसे व्यवहार से माता-पिता को लग सकता है कि जैसे बच्चा उनका नहीं, बल्कि वही उनका मां-बाप बन गया हो। हालांकि यह हर घर में होने वाली एक सामान्य स्थिति हो सकती है। ऐसे समय में नाराज होने या हर बात पर बहस करने के बजाय थोड़ा धैर्य और सही तरीका अपनाना ज्यादा जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि अगर आपका टीनएजर भी ऐसा करने लगा है, तो आप इस स्थिति को कैसे समझदारी से संभाल सकते हैं।
पहले समझें, ऐसा क्यों हो रहा है
टीनएज वह उम्र होती है जब बच्चे अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। वे खुद फैसले लेना सीख रहे होते हैं। इसलिए कई बार वे अपनी बात ज्यादा मजबूती से रखते हैं। इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वे आपका सम्मान नहीं करते।
हर बात पर बहस करने से बचें
अगर बच्चा हर बात पर अपनी राय दे रहा है, तो तुरंत गुस्सा न करें। पहले उसकी बात पूरी सुनें। कई बार शांत बातचीत से बात वहीं खत्म हो जाती है, जबकि बहस करने से दूरी बढ़ सकती है।
सीमाएं तय करना भी जरूरी है
बच्चों की बात सुनना अच्छी बात है, लेकिन घर के कुछ नियम साफ होने चाहिए। प्यार से समझाएं कि हर फैसले में सभी की राय मायने रखती है और कुछ जिम्मेदारियां माता-पिता की भी होती हैं।
उन्हें फैसलों में शामिल करें
छोटी-छोटी बातों में बच्चे की राय पूछें। इससे उसे सम्मान महसूस होगा। जब उसे लगेगा कि उसकी बात सुनी जाती है, तो वह आपकी बात भी ज्यादा ध्यान से सुनेगा।
खुद भी अच्छा उदाहरण बनें
बच्चे सिर्फ बातें नहीं, बल्कि व्यवहार भी सीखते हैं। अगर आप घर में शांत तरीके से बात करेंगे, दूसरों की राय का सम्मान करेंगे, तो बच्चा भी धीरे-धीरे वही आदत अपनाएगा।
जरूरत पड़े तो खुलकर बात करें
अगर आपको लग रहा है कि बच्चा हर समय ऑर्डर देने की कोशिश कर रहा है या व्यवहार बहुत बदल गया है, तो किसी शांत समय पर उससे खुलकर बात करें। बिना ब्लेम किए या गुस्सा करे अपनी भावनाएं बताएं और उसकी बातें भी ध्यान से सुनें।
