International Day of Girl Child Quotes in Hindi: दुनिया में आज भी कई बेटियों को अपने सपने चुनने की आजादी नहीं मिलती। कहीं उनकी पढाई रोक दी जाती है, कहीं कम उम्र में शादी कर दी जाती है, तो कहीं लिंग के आधार पर उनके साथ भेदभाव होता है। इसी तरह की चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाने के लिए हर साल 11 अक्टूबर को इंटरनेशनल डे ऑफ द गर्ल चाइल्ड यानी अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।
इंटरनेशन डे ऑफ गर्ल चाइल्ड कोट्स हिंदी में (Photo: iSTock)
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 2011 में 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। साल 2012 से यह दिन दुनिया भर में मनाया जाने लगा। इसका उद्देश्य बेटियों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसरों को बढावा देना है। साथ ही, उन समस्याओं पर चर्चा करना भी है, जिनका सामना लड़कियों को बचपन से ही करना पडता है।
इस साल यानी 2026 की थीम है 'बाल विवाह खत्म करें और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें'। इस खास दिन पर दुनिया भर की बेटियों का हौसला बढ़ाने के लिए ये कोट्स काम आ सकते हैं:
इंटरनेशनल डे ऑफ गर्ल चाइल्ड कोट्स (International Day of Girl Child Quotes)
1. हर बेटी एक नई उम्मीद है, उसे अपने सपनों तक पहुंचने का पूरा हक है।
2. बेटी को पंख दीजिए, उसकी उडान की ऊंचाई तय मत कीजिए।
3. जिस समाज में बेटियां आगे बढती हैं, उस समाज का भविष्य भी आगे बढता है।
4. बेटी की पढाई पर किया गया निवेश, आने वाली पीढियों का भविष्य संवारता है।
5. हर लड़की को अपनी कहानी खुद लिखने का मौका मिलना चाहिए।
6. बेटियां किसी से कम नहीं, उन्हें बस बराबरी का अवसर चाहिए।
7. बेटी के सपनों को रोकिए मत, उन्हें पूरा करने में उसका साथ दीजिए।
8. एक शिक्षित बेटी अपने साथ पूरे परिवार की उम्मीदें रोशन करती है।
9. हर बच्ची का अधिकार है कि वह सुरक्षित रहे, खुलकर हंसे और बेखौफ सपने देखे।
10. बेटियों को कमजोर समझने की नहीं, उनकी ताकत पहचानने की जरूरत है।
11. बाल विवाह नहीं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता हो हर बेटी की पहचान।
12. बेटी को फैसले लेने की आजादी देना, उसके भविष्य पर भरोसा जताना है।
13. हर लड़की को ऐसा संसार मिले, जहां उसकी पहचान उसके सपनों से हो, उसकी सीमाओं से नहीं।
14. बेटियों को बराबरी मिलेगी, तभी समाज की तरक्की पूरी होगी।
15. आज एक बेटी को अवसर दीजिए, कल वह दुनिया बदलने का हौसला रखेगी।
यूनिसेफ के 2026 के अनुमानों के मुताबिक, दुनिया में करीब हर पांच में से एक लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले हो जाती है। यह आंकडा बताता है कि केवल बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाना काफी नहीं है। उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की भी जरूरत है। बेटियों को आगे बढाने की शुरुआत घर से होती है। उन्हें अपनी बात कहने, सवाल पूछने और अपने सपनों के लिए मेहनत करने का मौका मिलना चाहिए। उनकी सुरक्षा, अच्छी शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर सुनिश्चित करना परिवार और समाज, दोनों की जिम्मेदारी है।
