ब्‍यूटी की हिस्‍ट्री: हीरे से बनती है दुन‍िया में सबसे महंगी नेल पॉल‍िश, मगर कहां से हुई नाखून रंगने की शुरूआत - जानें द‍िलचस्‍प इत‍िहास

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Aug 13, 2024, 03:07 PM IST

नेल पॉलिश महिलाओं की पर्सनैलिटी को एक्सप्रेस करती है। ये महिलाओं के सोलह श्रृंगार का अहम हिस्सा है। सिर्फ आज ही नहीं बल्कि सदियों से नेल पॉलिश का इस्तेमाल किया जा रहा है। आज इस आर्टिकल में हम आपको नेल पॉलिश के रोचक इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको बताएंगे कि किसने नेल पॉलिश की खोज किसने की थी।

हाथों की सुंदरता बढ़ाने के लिए महिलाएं तरह-तरह के रंग-बिरंगे नेल पॉलिश से नाखूनों को सजाती हैं। खासकर लड़कियों के बीच नेल पॉलिश को लेकर एक अलग ही क्रेज देखने को मिल रहा है। नेल पॉलिश का इस्तेमाल आज से ही नहीं बल्कि सदियों से खुद को और अपने व्यक्तित्व को एक्सप्रेस करने का एक तरीका माना जाता है। नेल पॉलिश महिलाओं की पर्सनैलिटी को एक्सप्रेस करती है। अब जिस चीज को लेकर लड़कियों में इतना क्रेज देखने को मिल रहा है तो सोचिए उसका इतिहास कितना रोचक होगा। आज इस आर्टिकल में हम आपको नेल पॉलिश के रोचक इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको बताएंगे कि किसने नेल पॉलिश की खोज किसने की थी।

history of nail paint or nail polish

नेल पॉलिश का इतिहास

मॉडर्न वर्ल्ड में नेल पॉलिश के इतिहास को लेकर कई तरह की थ्योरी मौजूद हैं। ऐसा कहा जाता है 3200 ईसा पूर्व युद्ध से पहले बेबीलोनिया में योद् अपने नाखूनों को रंगा करते थे। इस समय नाखूनों को रंगने के लिए कोहल का इस्तेमाल किया जाता था। ऐसा इसलिए किया जाता था क्योंकि नाखूनों के रंग से उनके वर्ग का पता चलता था। उदाहरण से समझने की कोशिश करें तो, काले नाखून वालों को उच्च श्रेणी का माना जाता था जबकि हरे नाखून वालों को उच्च श्रेणी का नहीं माना जाता था। वहीं लाल रंग रॉयल्टी का प्रतीक माना जाता था। लाल रंग के नेल पॉलिश को शासक वर्गों के लिए आरक्षित रखा जाता था। चीनी इतिहास को खंगाले तो मालूम होता है कि निम्न वर्ग के लोग अपने नाखूनों को हल्के रंगों से सजाते थे। वहीं राजघरानों में अपने नाखूनों को रंगने पर फांसी की सजा दी जाती थी।

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