Hastimal Hasti Shayari in Hindi: हस्तीमल हस्ती हिन्दी ग़ज़ल में एक जाना पहचाना नाम है। इनका जन्म 11 मार्च 1946 को राजसमंद जिले के आमेट शहर राजस्थान में हुआ, पिछले 5 दशकों से भी अधिक समय से साहित्य सेवा में लगे हैं। विख्यात ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह, पंकज उधास, मनहर उधास आदि ग़ज़ल गायकों द्वारा हस्तीमल हस्ती की ग़ज़लें गायीं गई हैं। 'प्यार का पहला खत लिखने में वक्त तो लगता है' जगजीत सिंह द्वारा गाई गई ये ग़ज़ल बहुत प्रसिद्ध हुई। हस्तीमल हस्ती ने एक से बढ़कर एक शानदार तराने लिखे हैं जिसे लोग उनके जाने के बाद भी सुनते-सुनाते हैं। पढ़ें हस्तीमल हस्ती के चुनिंदा शेर:
Hastimal Hasti Shayari in Hindi (हस्तीमल 'हस्ती' की शायरी)
1. खेल ज़िंदगी के तुम खेलते रहो यारो
हार जीत कोई भी आख़िरी नहीं होती
2. प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
3. कुछ और सबक़ हम को ज़माने ने सिखाए
कुछ और सबक़ हम ने किताबों में पढ़े थे
4. हमें पसंद नहीं जंग में भी मक्कारी
जिसे निशाने पे रक्खें बता के रखते हैं
5. कहीं ख़ुलूस कहीं दोस्ती कहीं पे वफ़ा
बड़े क़रीने से घर को सजा के रखते हैं
6. वो जो क़िस्से में था शामिल वही कहता है मुझे
मुझ को मालूम नहीं यार ये क़िस्सा क्या है
7. दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती
इतनी ख़ूबसूरत ये ज़िंदगी नहीं होती
8. ख़ुद चराग़ बन के जल वक़्त के अंधेरे में
भीक के उजालों से रौशनी नहीं होती
9. दिल की हालत पूछने वालो
देखो कोई फूल मसल के
10. बैठते जब हैं खिलौने वो बनाने के लिए
उन से बन जाते हैं हथियार ये क़िस्सा क्या है
11. शायरी है सरमाया ख़ुश-नसीब लोगों का
बाँस की हर इक टहनी बाँसुरी नहीं होती
12. ये तजरबा हुआ है मोहब्बत की राह में
खो कर मिला जो हम को वो पा कर नहीं मिला
13. मुझ से जल्दी हार कर मेरा हरीफ़
जीतने का लुत्फ़ सारा ले गया
14. लुत्फ़ आराम का तू क्या जाने
कभी ऐ वक़्त ठहर मेरे साथ
15. तेरी बीनाई किसी दिन छीन लेगा देखना
देर तक रहना तिरा ये आइनों के दरमियाँ
24 जून 2024 को हस्तीमल 'हस्ती' ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। भले आज हस्तीमल हमारे बीच में ना हों लेकिन उनके लिखे नगमें हमेशा उनके चाहने वालों के दिल को सुकून देते रहेंगे।
