Rose Day History: फरवरी का महीना प्यार का महीना होता है। इसी महीने में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट किया जाता है जिस दिन कपल्स अपने प्यार का इजहार करते हैं। लेकिन रोमांस के इस महीने की शुरुआत 7 फरवरी से होती है। 7 फरवरी वैलेंटाइन वीक का पहला दिन होता है और इस दिन रोज डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन कपल्स अपने पार्टनर को गुलाब देते हैं और अपने दिल की बात कहते हैं। कुछ कपल्स इस दिन को खास बनाने के लिए गुलाब के साथ साथ कुछ गिफ्ट्स भी देते हैं। लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है कि हर साल 7 फरवरी को ही रोज डे क्यों मनाया जाता है। क्या है इसका इतिहास और महत्व? आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि रोज डे मनाने की शुरुआत कैसे हुई और हर साल 7 फरवरी को ही क्यों मनाया जाता है रोज डे।
रोज डे इतिहास 2024 - Rose Day History In Hindi
रोज डे मनाने की मुगल काल के दौरान ही हुई थी। कहा जाता है कि मुगल बेगम नूरजहां को लाल गुलाब बहुत अधिक पसंद थे। ऐसे में नूरजहां को खुश और स्पेशल फील कराने के लिए उनके पति हर दिन टन के हिसाब से ताजे गुलाब नूरजहां के महल में भिजवाया करते थे। जिससे नूरजहां बेहद खुश होती थीं। इसके अलावा ऐसा भी कहा जाता है महारानी विक्टोरिया के समय में लोगों ने अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस करने के लिए गुलाब के फूल को एक दूसरे को देने और लेने की परंपरा की शुरुआत की थी। माना जाता कि विक्टोरियन और रोमन भी अपने प्यार का इजहार गुलाब से ही करते थे। रोज डे का इतिहास काफी रोचक है। इससे जुड़ी एक कहानी 30 ईसा पूर्व की है। कहा जाता है इस समय गुलाब के फूल को प्यार की निशानी के रूप में देखा जा रहा है। रानी क्लियोपेट्रा ने भी अपने कमरे को डेकिरेट करने के लिए गुलाब के फूलों का इस्तेमाल किया था। इसलिए वैलेंटाइन वीक के पहले को रोज डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।
रोज डे क्यों मनाते हैं? - Rose Day Significance
कपल्स के लिए वैसे तो वैलेंटाइन वीक का हर दिन ही बेहद खास होता है लेकिन इस वीक का पहला दिन यानी रोज डे सभी लव बर्ड्स के लिए बहुत खास होता है। इस दिन प्रमी जोड़े एक-दूसरे को गुलाब देते हैं और प्यार का इजहार करते हैं। गुलाब को हमेशा से ही प्यार की निशान माना गया है। इसलिए लोग लाल रंग का गुलाब देकर अपने पार्टनर को प्रपोज करते हैं।
