पारसी नववर्ष पर अपनों को यूं भेजें शुभकामनाएं, देखें जमशेदी नवरोज कब मनाते हैं, विशेस इन हिंदी

नवरोज पारसी समुदाय का नववर्ष है, जो हर साल 20-21 मार्च के आसपास वसंत विषुव पर मनाया जाता है। यह नई शुरुआत, खुशहाली और सकारात्मकता का प्रतीक है। भारत में पारसी समुदाय इसे उत्साह से मनाता है। इस दिन पर खास अपनों को बधाई संदेश भी दिए जाते हैं, यहां देखें जमशेदी नवरोज मुबारक, नवरोज विशेस इन हिंदी।

Nowruz (नवरोज) एक प्राचीन पारसी और ईरानी नववर्ष का त्योहार है, जिसे हर साल 20 या 21 मार्च के आसपास मनाया जाता है। साल 2026 में भी नवरोज 20 मार्च 2026 को रात 8 बजे से मनाया जाएगा। यह त्योहार दिन-रात के बराबर होने का प्रतीक होता है और प्रकृति में नए जीवन की शुरुआत को दर्शाता है। नवरोज शब्द का अर्थ ही होता है 'नया दिन'। यह त्योहार करीब 3000 साल पुराना है और इसकी शुरुआत प्राचीन पर्शियन (ईरानी) सभ्यता से हुई थी। यह सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि प्रकृति, नवजीवन, शांति और सकारात्मकता का उत्सव है।

Happy Nowruz Wishes 2026

भारत में नवरोज क्यों मनाया जाता है?

भारत में Nowruz मुख्य रूप से पारसी (Zoroastrian) समुदाय द्वारा मनाया जाता है। पारसी लोग सदियों पहले ईरान से भारत आए थे और अपने साथ अपनी परंपराएं भी लाए। आज भी मुंबई, गुजरात और अन्य शहरों में पारसी समुदाय इस त्योहार को बड़े उत्साह से मनाता है। नवरोज का मुख्य संदेश है नई शुरुआत, बुराई पर अच्छाई की जीत और जीवन में सकारात्मक बदलाव। इस दिन लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।

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