Happy Nag Panchami Wishes in Sanskrit: आज पूरे देश में नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। नाग पंचमी का पर्व हर वर्ष श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि इस खास दिन पर भगवान शंकर और नाग देवता की विधिवत पूजा अर्चना करने से कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। इसी कारण आज के दिन सभी शिव मंदिरों और नाग मंदिरों में नाग देवता की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। नाग पंचमी पर नागों के 12 प्रकारों की पूजा होती है। आज नाग पंचमी के अवसर पर आप अपने प्रियजनों को शुभकामना संदेश भेजकर दिन को शानदार बनाएं। हम आपके लिए लाए हैं नाग पंचमी के बधाई संदेश, श्लोक, मंत्र और कोट्स संस्कृत में:
Nagpanchami Wishes in Sanskrit | Nagpanchami Mantra in Sanskrit | Nagpanchami Shloka in Sanskrit
अनन्तो वासुकिः पद्मो महापद्ममश्च तक्षकः।
कुलीरः कर्कटः शङ्खश्चाष्टौ नागाः प्रकीर्तिताः॥
Nag Panchami Wishes in Sanskrit
सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले
ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:॥
ओम भुजंगेशाय विद्महे,
सर्पराजाय धीमहि,
तन्नो नाग: प्रचोदयात्।
Nah Panchami Mantra in Sanskrit
अनन्तं वासुकिं शेषं पध्मनाभ च कम्बलम
शंखपालं धृतराष्ट्र तक्षकं कालियं तथा
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम॥
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत:
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥
गस्त्यश्च पुलस्त्यश्च वैशम्पायन एव च।
सुमन्तुजैमिनिश्चैव पञ्चैते वज्रवारका:॥
मुने: कल्याणमित्रस्य जैमिनेश्चापि कीर्तनात्।
विद्युदग्निभयं नास्ति लिखितं गृहमण्डल॥
Nag Panchami Shloka in Sanskrit
अनन्तो वासुकि: पद्मो महापद्ममश्च तक्षक:।
कुलीर: कर्कट: शङ्खश्चाष्टौ नागा: प्रकीर्तिता:॥
यत्राहिशायी भगवान् यत्रास्ते हरिरीश्वर:।
भङ्गो भवति वज्रस्य तत्र शूलस्य का कथा॥
नाग पंचमी के इस खास मौके पर आप अपनों को संस्कृत भाषा में शुभकामना संदेश भेजकर उनका दिन खास बना सकते हैं। आप चाहें तो इन श्लोक और मंत्रों अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट भी कर सकते हैं। आप सभी को नाग पंचमी की शुभकामनाएं।
