जब भी स्टाइलिश दिखने की बात होती है तो महिलाएं सिर्फ आउटफिट या एसेसरी पर भी ध्यान देती हैं। लेकिन परफेक्ट लुक पाने के लिए हेयरस्टाइल का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हेयरस्टाइल किसी के भी लुक को एन्हांस कर सकता है। बालों को स्टाइल करने के लिए लड़कियां कई तरह के एसेसरी का इस्तेमाल करती हैं। उनमें से एक हेयर बैंड भी है जिसका चलन बालों को सजाने के इतिहास में बहुत पुराना मान जाता है। हेडबैंड या हेयरबैंड एक ऐसा एसेसरी है जिसे बालों में या माथे के आसपास पहना जाता है। हेयर बैंड आपके सिंपल हेयरस्टाइल को भी स्टेटमेंट लुक देता है। अब सोचिए जिसका इस्तेमाल लुक को एन्हांस करने के लिए व्यापक रूप पर किया जा रहा है तो उसका इतिहास कितना रोचक होगा। आज इस आर्टिकल में हम आपको हेडबैंड या हेयरबैंड के इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं।
हेयर बैंड का इतिहास
हेडबैंड या हेयरबैंड का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा है। माना जाता है कि हेडबैंड की शुरुआत 475 ईसा पूर्व से 330 ईसा पूर्व के आसपास हुई थी। मेसोपोटामिया के पुरुष और महिलाएं अपने बालों को चेहरे और आंखों से दूर रखने के लिए हेडबैंड का इस्तेमाल किया करते थे। यूरोपीय मध्य युग में, राजघराने से ताल्लुक रखने वाली महिलाएं सोने और चांदी के हेडबैंड पहना करती थीं। 1800 के दशक की शुरुआत में, हेडबैंड पहनने की प्राचीन ग्रीक शैली की नकल की जाने लगी थी और धीर धीरे ये फैशन का अहम हिस्सा बनने लगा था। प्राचीन काल में हेयर बैंड या हेडबैंड बहुत विशेष अवसरों या किसी महत्वपूर्ण घटनाओं पर ही पहना जाता था। यहूदी मूल रूप से अपने पारंपरिक परिधान के रूप में पगड़ी और केफियेह के अलावा हेडबैंड पहना करते थे। आधुनिक समय में, ये यहूदी फैशन केवल मिज़राही यहूदियों द्वारा पहने जाते हैं।
20वीं सदी के शुरुआत में
20वीं सदी की शुरुआत में, चौड़े हेडबैंड का चलन था। ये महिलाओं के फैशन का बेहद अहम हिस्सा बन चुका था। ऐसी मान्यता थी कि हेडबैंड पहनने से सिर दर्द को कम किया जा सकता है। क्योंकि इसे माथे के चारों ओर पहना जाता था जिससे एक टाइट प्रेशर बनता था जो सिर दर्द को कम करने में सहायक था।
वहीं फ़्रांसिसी लोग ऐसे परिधान को बैंडो (बैंडो, बहुवचन) कहते थे। 1910 के दशक में, हेडबैंड का डिजाइन काफी लचीला होता था। आसान भाषा में समझने की कोशिश करें तो हेयर बैंड को रिबन और रोसेट से सजाया जाता था और बॉर्डर पर एक फीता बांधा जाता था। वहीं 1920 और 1930 के दशक में इसका स्टाइल काफी बदला। अक्ट्रैक्टिव लुक के लिए इसे खूब सजाया जाने लगा था और उस जमाने के फेमस फैशन डिजाइनर पॉल पोइरेट द्वारा इन्हें फैशन एसेसरी के रूप में खूब इस्तेमाल किया जाने लगा था। इस तरह के हेडबैंड 1920 के दशक में काफी लोकप्रिय हुए थे।
1920 और 1930 के दशक के दौरान, हेडबैंड या हेयरबैंड में सोने, चांदी और रत्नों का खूब इस्तेमाल किया जाने लगा और ये काफी लोकप्रिय भी हुए थे। इस अवधि में हेयर बैंड के दाम और मटेरियल से ज्यादा उसके डिजाइन पर ध्यान दिया जाता था। उस समय हेडबैंड को बैंडियस के नाम से जाना जाता था। 1925 तक इन्हें शाम के समय सबसे औपचारिक पोशाकों के साथ पहना जाता था।
1960 में बदला स्टाइल
1950 और 1960 के दशक के दौरान, ब्रिटेन और अमेरिका में कई ग्लैमरस युवा महिलाएं गाड़ी चलाते वक्त प्लास्टिक के हेडबैंड पहना करती थीं। उसी समय, काम करने वाली महिलाएं बालों को गंदगी और बारिश से बचाने के लिए अपने बालों के चारों ओर कपड़े की पट्टियां लपेटती थीं।
1970
1967 के प्रेम ग्रीष्मकाल के बाद, हिप्पियों ने वामपंथी कार्यकर्ताओं और गुरिल्लाओं की नकल में हेडबैंड के रूप में टाई डाई और पैस्ले बंडाना पहना था। इन्हें मंच पर कूल बने रहने के लिए 70 के दशक की शुरुआत और मध्य में जिमी हेंड्रिक्स, कीथ रिचर्ड्स, टेड नुगेंट, ब्रूस स्प्रिंगस्टीन या लिंक रे जैसे कई हार्ड रॉक और हेवी मेटल गिटारवादकों द्वारा भी पहना जाता था।
1980
राजकुमारी डायना ने 1985 में ऑस्ट्रेलिया के राजकीय दौरे के अवसर पर मेलबर्न में हेडबैंड के रूप में पन्ना और हीरे का चोकर हेयरबैंड पहना था।
जापानी संस्कृति में, हचीमाकी हेडबैंड दृढ़ संकल्प या भक्ति का प्रतीक माना जाता था। परंपरागत रूप से कोरिया में, योद्धा और ह्वारंग जैसे सैन्य संगठनों के सदस्य विशेष हेडबैंड पहनते थे जो बालों को मजबूती से बांधे रखने का काम करते थे। ये हेडबैंड आंखों में बाल को आने से बचाने का काम करते थे जिससे सैनिकों को युद्ध में बाधा नहीं आती थी।
हेयर बैंड का बदलता ट्रेंड
समय के साथ हेयरबैंड या हेडबैंड पहनने का चलन बदलता गया। कोरियाई हाई स्कूल के छात्रों, खासकर पुरुष छात्रों को अक्सर हेडबैंड पहने देखा जाता था। धीरे धीरे इन हेडबैंड्स या हेयरबैंड का चलन बदलता गया और इसे स्कूल के अलावा खेल में भी इस्तेमाल किया जाने लगा। खेल में पसीने और बाल को आंखों में जाने से रोकने के लिए जिस चीज का इस्तेमाल किया जाता है उसे स्वेट बैंड कहा जाता है। इसे क्रिकेट, टेनिस, बास्केटबॉल जैसे खेलों में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। स्वेटबैंड अक्सर टेरीक्लॉथ से तैयार किया जाता है।
हेयर बैंड का बॉलीवुड में चलन
हेयर बैंड की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते इसने बॉलीवुड में भी स्टाइल स्टेटमेंट एसेसरी बन गई। 80 और 90 के दशक की फिल्मों में ज्यादातर एक्ट्रेसेस को हेयरबैंड लुक में देखा जाता था। 80 के दशक में हेलन, हेमा मालिनी जैसी बॉलीवुड एक्ट्रेसेस ने हेयर बैंड के चलन को व्यापक रूप से बढ़ाया।
वहीं 90 के दशक में रानी मुखर्जी, ऐश्वर्या राय बच्चन, करिश्मा कपूर, सुष्मिता सेन, काजोल, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा जैसी फेमस बॉलीवुड एक्ट्रेसेस ने अपने हेयरबैंड लुक से पर्दे पर धमाल मचा दिया था। फिल्म बादल से रानी का ये क्यूट हेयरबैंड लुक खूब चर्चा में रहा था। वहीं'कुछ कुछ होता है' में काजोल का आयकॉनिक हेयरस्टाइल कई यंग गर्ल्स को बचपन की याद दिलाता है।
इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने दुनिया के पॉप्युलर इवेंट 'मेट गाला 2024'में अपने हेयर बैंड लुक से सभी को इंप्रेस कर दिया था। इवेंट के दौरान आलिया ने फ्लोरल अटायर कैरी किया था। साथ ही उन्होंने स्टाइलिश हेयरबैंड कैरी किया था जो उनके लुक को एन्हांस करने का काम कर रहा था।
इसके अलावा उर्वशी रौतेला ने भी कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपने ग्लैमरस लुक से धमाल मचा दिया था। उन्होंने पिंक कलर की गाउन पहनी थी जिसे उन्होंने मैचिंग हेडबैंड के साथ टीमअप किया था। उनके इस हेडबैंड को रत्नों से सजाया गया था।
हेयर बैंड कैसे बनता है
हेडबैंड कई चीजों से बनाई जाती है। इसे बनाने के लिए लकड़ी, चमड़ा, प्लास्टिक, धातु, कपड़ा, भांग, दांत, मानव और जानवरों के बाल, हड्डी और जैसी कई चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। चमड़े के हेडबैंड आमतौर पर सख्त प्लास्टिक हेडबैंड पर चिपकाए जाते हैं, या उन्हें हाथ से सिला जाता है। प्लास्टिक हेडबैंड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। हेयर बैंड को स्टाइलिश और अट्रैक्टिव बनाने के लिए लिए कई रंगों का इस्तेमाल भी किया जाता है। वहीं कुछ हेयर बैंड धातु और कीमती रत्नों से बनाए जाते हैं। फैब्रिक हेडबैंड आरामदायक होते हैं क्योंकि वे सिर में गहराई से नहीं घुसते। दांतेदार हेडबैंड में कंघी जैसे दांत होते हैं जो बैंड में आगे की तरफ लगे होते हैं। इस तरह के हेयर बैंड बालों को एक ही जगह पर बनाए रखते हैं।
हेयर बैंड की कीमत
हेयर बैंड की कीमत की बात करें तो नॉर्मल हेयर बैंड 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक मिल जाते हैं। इसकी कीमत क्वालिटी के हिसाब से बदलती रहती है।
