Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी आते ही बाजार मिठाइयों की खुशबू से भर जाते हैं। कहीं चांदी के वर्क से सजे मोदक हैं, कहीं केसर और पिस्ते वाले, तो कहीं चॉकलेट, ड्राई फ्रूट और मावे के नए स्वाद। इस चमक-दमक के साथ एक सवाल ये भी जेहन में आता है कि जिसे हम मोदक समझकर खरीद रहे हैं, उसमें सचमुच अच्छी क्वालिटी की सामग्री है भी या नहीं?
मोदक में मिलावट की कैसे करें पहचान (AI Generated Image)
खासकर मावा और दूध से बनी मिठाइयों में त्योहारों के मौसम में मिलावट का खतरा बढ़ जाता है। FSSAI के मुताबिक पारंपरिक मिठाइयों में घटिया कच्चे माल, केमिकल कलर्ल और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं चिंता का विषय हैं। आइए जानें कि किस तरह के मोदक बिल्कुल नहीं खरीदने चाहिए:
सबसे पहले देखें मोदक का रंग
असली और ताजा मोदक का रंग उसकी सामग्री के मुताबिक होना चाहिए। अगर मोदक बहुत ज्यादा चमकीला, अस्वाभाविक रूप से एक जैसा या रंग में जरूरत से ज्यादा तेज नजर आ रहा है तो सावधान रहें। खासकर ऐसे मोदक जिनमें गैर-जरूरी चमकीला रंग इस्तेमाल किया गया हो, उनसे बचना बेहतर है।
खुशबू से भी लग सकता है अंदाजा
ताजा मोदक में नारियल, गुड, इलायची, घी या जिस सामग्री से वह बनाया गया है, उसकी स्वाभाविक खुशबू आनी चाहिए। अगर मिठाई से अजीब, बहुत तेज या बासी तेल जैसी गंध आ रही है तो उसे खरीदने से बचें।
बहुत ज्यादा मुलायम या बहुत सख्त?
मोदक की बनावट भी कई संकेत देती है। उकड़ी का पारंपरिक मोदक बाहर से नरम और हल्का लचीला होता है, जबकि अंदर नारियल और गुड का भरावन मुलायम लेकिन बहुत गीला नहीं होना चाहिए।
अगर मोदक असामान्य रूप से चिपचिपा है या उसकी बनावट बहुत ज्यादा कृत्रिम लग रही है तो सावधानी रखें। हालांकि केवल देखकर किसी मिठाई को निश्चित रूप से मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता। पक्की जांच के लिए खाद्य परीक्षण ही भरोसेमंद तरीका है।
लेकिन सबसे भरोसेमंद मोदक कौन सा?
अगर आप पूरी तरह आश्वस्त रहना चाहते हैं तो इस गणेश चतुर्थी पर मोदक घर में बनाइए। पारंपरिक उकड़ीचा मोदक चावल के आटे, ताजे नारियल और गुड से बनाया जाता है। इसमें मावे की जरूरत नहीं होती। यही इसकी सबसे खास बात भी है।
घर पर ऐसे बनाएं पारंपरिक मोदक (Modak recipe in Hindi)
सामग्री:
एक कप चावल का आटा, करीब डेढ कप पानी, एक कप कसा हुआ ताजा नारियल, एक कप कसा हुआ गुड, एक चम्मच इलायची पाउडर, थोड़ा सा घी और चुटकी भर नमक लें। पारंपरिक रेसिपी में नारियल और गुड की भरावन तथा चावल के आटे की नरम परत इस्तेमाल होती है।
विधि:
सबसे पहले कड़ाही में थोड़ा घी डालकर नारियल और गुड को धीमी आंच पर पकाएं। इसमें इलायची डालें और मिश्रण को हल्का गाढ़ा होने दें। इसे अलग रखकर ठंडा करें।
अब एक बर्तन में पानी उबालें। इसमें चुटकी भर नमक और थोड़ा घी डालें। पानी उबलने लगे तो चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। ढककर कुछ मिनट पकाएं। हल्का गर्म रहने पर इसे अच्छी तरह मसलकर नरम आटा तैयार करें।
आटे की छोटी लोई बनाएं और उंगलियों से उसे कटोरी जैसा आकार दें। इसमें नारियल-गुड का भरावन रखें। किनारों पर हल्की-हल्की पंखुडी जैसी डिजाइन बनाकर ऊपर से बंद कर दें। अब इन्हें स्टीमर में रखकर करीब 10 से 15 मिनट भाप में पकाएं।
मोदक गणेश चतुर्थी की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें घर की रसोई, परिवार और भक्ति एक साथ दिखाई देते हैं। इसलिए इस बार बाजार की चमक से ज्यादा सामग्री की शुद्धता और ताजगी पर भरोसा करें। अगर मन में जरा भी संदेह हो, तो बाजार से लेने के बजाय घर का बना एक साधारण मोदक कहीं ज्यादा स्वादिष्ट साबित हो सकता है।
