आज की शायरी: समय का रोना रोने वालों की आंखें खोलता है फिराक गोरखपुरी का यह शेर

Aaj Ki Shayari, Firaq Gorakhpuri Shayari (फिराक गोरखपुरी शायरी): हम कहते हैं कि जिंदगी तो बस चार दिन की है, यानी बहुत छोटी सी। इस कहावत के पीछे यह भाव छिपा होता है कि जीवन क्षणभंगुर है, पल भर में बीत जाता है। लेकिन फिराक इस आम सोच को आगे बढ़ाते हुए एक जरूरी बात कहते हैं कि ये चार दिन भी कम नहीं होते।

Shayari of The Day (आज की शायरी): हिंदुस्तान के अजीम शायर फिराक गोरखपुरी ने नज्मों की दुनिया में ऐसा मुकम्मल मुकाम हासिल किया कि उनके लिए शेर आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हैं। यूं तो उनके बहुत से शेर हमारी आम जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन एक ऐसा शेर है जिंदगी की नश्वरता और उसके मूल्यों को बेहद सादगी, लेकिन गहरी समझ के साथ सामने रखता है। आज की शायरी में पढ़ें फिराक गोरखपुरी का वह मशहूर शेर:

Firaq Gorakhpuri Shayari

आज की शायरी में पढ़ें गोरखपुरी का मशहूर शेर

ये माना ज़िंदगी है चार दिन की

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