सिर पर बंधी इस पगड़ी ने दी थी बाल गंगाधर तिलक को अलग पहचान, जानिए इसकी खासियत, क्या कहलाती है ये ट्रेडिशनल हेडगियर

बाल गंगाधर तिलक की पुणेरी पगड़ी उनकी पहचान बन गई थी। जानिए इसका इतिहास, खासियत, महत्व और आज के समय में इसे शादी, पारंपरिक समारोह और फेस्टिवल लुक में कैसे स्टाइल किया जा सकता है।

कई बार किसी इंसान की पहचान सिर्फ उसके काम से नहीं, बल्कि उसके पहनावे से भी बन जाती है। महात्मा गांधी की धोती, भगत सिंह की टोपी और डॉ. भीमराव आंबेडकर का सूट आज भी उन्हें याद दिलाते हैं। इसी तरह लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुणेरी पगड़ी (Puneri Pagdi) भी उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गई थी। यह सिर्फ सिर पर बांधा जाने वाला कपड़ा नहीं था, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति का प्रतीक माना जाता था।

Bal Gangadhar Tilak Birthday Special What does his pagdi called

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