Weather Update: अजीब मौसम हो रहा है। पहले चिलचिलाती धूप ने जीना मुहाल कर दिया था और अब चिपचिपाती गर्मी से हर कोई परेशान है। पानी की तरह शरीर से पसीना बह रहा है और मौसम है कि करवट बदलने का नाम ही नहीं ले रहा। सिर्फ आसमान में हल्के काले बादल ही दिखाई दे रहे हैं, जिसको देखकर ऐसा लग रहा है मानो कि बस इस उमस भरे मौसम से जल्द से जल्द राहत मिलेगी।
क्यों पड़ती है उमस
इन दिनों उमस से हर कोई परेशान है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हल्की बारिश के साथ ही उमस क्यों सताने लगी है? और इससे कब निजात मिलेगा।
उमस, यह एक तरह की गर्मी है, जिसमें चिपचिपाती हुई गर्मी के साथ-साथ बेहद पसीना आता है। इस मौसम में न तो कूलर काम आता है और न ही पंखा। आप घंटों कूलर और पंखे के सामने बैठे रहिए, लेकिन हवा की ठंडक महसूस नहीं होगी, बस चिपचिपा सा महसूस होता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि वायुमंडल में गर्मी के साथ-साथ वाष्प भी मौजूद रहता है।
क्यों बढ़ रही उमस?
क्या है इसके पीछे का विज्ञान?
चिपचिपाती गर्मी के पीछे एक अलग तरह का विज्ञान काम करता है। दरअसल, जब भीषण गर्मी की वजह से धरती गर्म हो जाती है और उस पर हल्की बारिश की बूंदे पड़ती हैं तो धरती से भाप उठती है और इसी भाप या कहें वाष्प की वजह से चिपचिपाती गर्मी या कहें उमस बढ़ती है।
इसे आप इस तरह भी समझ सकते हैं कि गर्म तवे पर जब आप पानी छिड़कते हैं तो वाष्प ऊपर की ओर उठता है। ठीक इसी प्रकार जब गर्म धरती में पानी की बूंदे पड़ती हैं तो वह वाष्प बनकर ऊपर उठती हैं, जिसकी वजह से हवा में नमी की मात्रा बढ़ जाती है और उमस महसूस होती है।
कब मिलेगी उमस से राहत?
मानसूनी बारिश ही उमस से राहत दिला सकती है, क्योंकि बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आएगी और हवा में ठंडक बढ़ेगी। हालांकि, देश के कई राज्यों में मानसून की एंट्री हो चुकी है और मौसम विभाग लगातार बारिश को लेकर अपडेट जारी कर रहा है, जो धीरे-धीरे मौसम में सुधार होने की संभावना को दर्शाता है।
