धधक रहा सूर्य, पर धमाकों से दहल जाता है ब्रह्मांड! जानें क्या होता है 'सौर अधिकतम'?

Solar Maximum: सौर अधिकतम एक ब्रह्मांडीय घटना है। जब सूर्य की गतिविधि अपने चरम पर होती है तो उसे हम सौर अधिकतम कहते हैं। सौर अधिकतम के बाद सूर्य की गतिविधि धीरे-धीरे कम होती है, जो 'सौर न्यूनतम' (Solar Minimum) की ओर ले जाती है। सौर न्यूनतम के दौरान महीनों तक एक भी सनस्पॉट नहीं होता है।

Solar Maximum: सौर अधिकतम एक ब्रह्मांडीय घटना है। जब सूर्य की गतिविधि अपने चरम पर होती है तो उसे हम सौर अधिकतम कहते हैं, लेकिन क्या हम अभी भी सौर अधिकतम में हैं या सौर अधिकतम का समय गुजर चुका है? लगातार धधक रहे सूर्य में सौर अधिकतम के समय सौर धब्बों (sunspots) की संख्या सबसे अधिक होती है। यह सूर्य की चुंबकीय गतिविधि का उच्चतम स्तर होता है। इस दौरान सौर ज्वालाएं, जिन्हें हम सोलर फ्लेयर भी कहते हैं, और कोरोनल मास इंजेक्शन (CMEs) जैसी घटनाएं ज्यादा होती हैं।

Solar Maximum

सौर अधिकतम

तो इस वजह से दिखती है ऑरोरा

सोलर फ्लेयर और सीएमई जैसी घटनाएं सौर हवा को तेज करती हैं, जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं जिसकी वजह से सैटेलाइट, बिजली ग्रिड, नेविगेशन सिस्टम प्रभावित हो सकता है। साथ ही हमें ऑरोरा देखने का मौका भी मिलता है। लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, सौर अधिकतम की घटना को हम नग्न आंखों से नहीं देख सकते हैं, लेकिन सूर्य अधिक गतिशील है। सनस्पॉट, सोलर फ्लेयर और सीएमई की घटनाएं अस्थिर हैं और यह 11 साल के सौर चक्र के दौरान बढ़ती और घटती रहती हैं।

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