Lone Wolf Attack: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर शनिवार को जानलेवा हमला हुआ, लेकिन वह बाल-बाल बच गए और गोली महज उनके कान को छूकर निकल गई। इसके तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस के गार्ड्स हरकत में आ गए और डोनाल्ड ट्रंप को सुरक्षा घेरे में ले लिया। साथ ही संदिग्ध हमलावर को मार गिराया गया।
लोन वुल्फ अटैक क्या है?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह एक लोन वुल्फ अटैक है, लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जांचकर्ता अभी पूरी तरह से यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि संदिग्ध हमलावर को किसी का समर्थन प्राप्त था या नहीं? हालांकि, स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
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डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलाने वाला हमलावर मारा गया और कहा जा रहा है कि यह एक लोन वुल्फ अटैक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोन वुल्फ अटैक क्या होता है? तो चलिए विस्तार से इसके बारे में समझते हैं।
सीक्रेट सर्विस
क्या होता है लोन वुल्फ अटैक?
लोन वुल्फ अटैक का मतलब है कि घातक हमला करने वाला अकेला हमलावर। दुनियाभर में लोन वुल्फ अटैक की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। ज्यादातर मौके पर ऐसे लोग या तो खुद को खत्म कर लेते हैं या फिर एनकाउंटर में मारे जाते हैं। दरअसल, कट्टरपंथी विचारों से प्रेरित एक अकेला व्यक्ति हिंसा को अंजाम देता है और मारा जाता है।
लोन वुल्फ अटैक में अक्सर छोटे हथियारों का इस्तेमाल देखा गया है। एक अकेला व्यक्ति पिस्तौल, चाकू इत्यादि की मदद से दहशत फैलाने की कोशिश करता है।
सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती
सुरक्षाबलों के लिए इस तरह के हमलों के बारे में पता लगाना काफी चुनौतीपूर्ण काम है। लोन वुल्फ अटैक के लिए न तो ज्यादा बजट की जरूरत होती है और न ही किसी टीम की। अकेला व्यक्ति ही रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली चीजों की मदद से हमले को अंजाम देता है। जैसे- चाकू इत्यादि।
डोनाल्ड ट्रंप
लोन वुल्फ अटैक के माध्यम से आतंक फैलाने की कोशिश की जाती है। आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के आतंकी इस तरह के हमले को अंजाम देने की कोशिश में जुटे रहते हैं। हमलावर इंटरनेट या अन्य माध्यम से आतंकी संगठनों के संपर्क में रहते हैं और धीरे-धीरे ऐसे लोगों का पूरी तरह से माइंडवॉश कर दिया जाता है। इसके बाद इन्हें ऐसे कृत्यों को अंजाम देने का ऑर्डर दिया जाता है।
क्या है पूरा मामला?
हमलावर ने पेनसिल्वेनिया में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आयोजित एक रैली में डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाया। दरअसल, हमलावर ने 6:15 बजे मंच से लगभग 200 से 300 यार्ड की दूरी पर मौजूद एक इमारत की छत से डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलाई। हालांकि, सीक्रेट सर्विस के काउंटर स्नाइपर दल ने तत्काल प्रभाव से हमलावर को मार गिराया।
