क्या होते हैं 'ग्लेशियल अर्थक्वेक'? अंटार्कटिका में बर्फ पिघलने और हिमखंडों के पलटने से हिली धरती, वैज्ञानिकों ने जताई बड़ी चिंता

Science News: अंटार्कटिका के थ्वाइट्स ग्लेशियर के नीचे 245 से अधिक 'ग्लेशियल अर्थक्वेक' दर्ज किए गए हैं। जानिए ग्लेशियल अर्थक्वेक क्या होते हैं, ये कैसे आते हैं और वैश्विक जलस्तर के लिए ये कितने बड़े खतरे की घंटी हैं।

Science News: जब भी हम भूकंप का नाम सुनते हैं, हमारे दिमाग में टेक्टोनिक प्लेटों का टकराना, इमारतों का गिरना आता है और कभीकभार सुनामी आता है। लेकिन क्या आपने कभी बर्फ या ग्लेशियर के कारण आने वाले भूकंपों के बारे में सुना है? 26 अगस्त को नेपाल में जो तबाही आई, उसमें नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लांगटांग लिरुंग पर्वत की चोटी से ग्लेशियर का एक विशाल हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिर गया। इस घटना का असर इतना जोरदार था कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे शुरुआत में 5.2 तीव्रता के भूकंप के रूप में दर्ज किया था। लेकिन आज हम जिस भूकंप की बात करने वाले हैं वो इस तरह के नहीं हैं।

What Is Glacial Earthquake

क्या होते हैं ग्लेशियल भूकंप

अंटार्कटिका के सबसे खतरनाक और विशाल थ्वाइट्स ग्लेशियर (Thwaites Glacier), जिसे दुनिया 'डूम्सडे ग्लेशियर' यानी प्रलय का ग्लेशियर कहती है, उसके नीचे वैज्ञानिकों ने सैकड़ों ऐसे भूकंपों की पहचान की है जो अब तक दुनिया की नजरों से छिपे हुए थे। प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिका जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, 2010 से 2023 के बीच अंटार्कटिका में 360 से अधिक ऐसे भूकंपीय घटनाक्रम दर्ज किए गए हैं। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि 'ग्लेशियल अर्थक्वेक' क्या होते हैं, ये आम भूकंपों से कितने अलग हैं और अंटार्कटिका में इनका अचानक बढ़ना दुनिया के लिए चिंता का विषय क्यों है।

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