NGC 4051 Galaxy: ब्रह्मांड में अनंत आकाशगंगाएं मौजूद हैं और सभी एक-दूसरे से काफी भिन्न हैं, लेकिन कईयों में कुछ समानताएं जरूर हैं। खगोलविद लगातार उन्नत टेलीस्कोपों की मदद से आकाशगंगाओं को खंगालने की कोशिश करते हैं। हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक ऐसी आकाशगंगा के बारे में बताया जिसमें अतीत में कई सुपरनोवा का दंश सहा है।
एनजीसी 4051 आकाशगंगा (फोटो साभार: NASA)
इस आकाशगंगा में कई बार फटे तारे
एनजीसी 4051 नामक आकाशगंगा का अतीत काफी डरावना है, क्योंकि बेहद शांत की दिखने वाली आकाशगंगा मे कई सुपरनोवा को देखा है। हबल स्पेस टेलीस्कोप की मदद से कैप्चर की गई एनजीसी 4051 आकाशगंगा पृथ्वी से लगभग 45 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह हमारी मिल्की-वे की तरह ही एक स्पाइरल आकाशगंगा है और देखने में बेहद खामोश भी प्रतीत होती है, लेकिन अतीत काफी उथलपुथल भरा रहा है।
बकौल नासा, एनजीसी 4051 आकाशगंगा कई सुपरनोवा का घर रही है। अब आप लोग सोच रहे होंगे कि आखिर सुपरनोवा क्या होता है? दरअसल, जब एक विशालकाय तारे का जीवन समाप्त होने वाला होता है तो अंत में एक चमकदार धमाका होता है जिसे सुपरनोवा कहा जाता है। सुपरनोवा अविश्वसनीय रूप से ऊर्जावान होने के साथ ही अत्यधिक चमकदार भी होती है, जो धीरे-धीरे लुप्त हो जाती है।
NGC 4051 में हुए सुपरनोवा विस्फोट
बकौल नासा, एनजीसी 4051 आकाशगंगा ने पिछले सालों में कई सुपरनोवा की मेजबानी की। आखिरी बार 14 साल पहले सुपरनोवा विस्फोट हुआ था। साल 2010 में हुए विस्फोट को SN 2010br नाम दिया गया था। इससे पहले 1983 और 2003 में भी खगोलीय घटना दर्ज की गई थी।
हबल ने कैप्चर की अद्भुत तस्वीर
हबल स्पेस टेलीस्कोप ने एनजीसी 4051 आकाशगंगा की अद्भुत तस्वीर कैप्चर की है। इस विशालकाय स्पाइरल आकाशगंगा के केंद्र का दाहिना हिस्सा पीली रोशनी के साथ दमक रहा है, जो गहरे भूरे रंग की धूल और बैंगनी रंग के तारों के समूहों से भरे हुए स्पाइरल आर्म्स से घिरा हुआ है।
