Google 'Ring of Fire' animation : 2026 का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इस अद्भुत खगोलीय घटना को अपने सर्च पेज पर दिखाने के लिए गूगल ने खास व्यवस्था की है। गूगल ने एनिमेशन के जरिए 'रिंग ऑफ फायर' दिखाया है। गूगल के सर्च पेज पर 'Solar Eclipse' या 'सूर्य ग्रहण' सर्च करते ही 'रिंग ऑफ फॉयर' का एनिमेशन दाहिने तरफ से बायीं तरफ गुजरता है। सर्ज पेज पर इस एनिमेशन को देखना यूजर्ज को एक खास तरह का अनुभव दे रहा है।
17 फरवरी को साल का पहला सूर्यग्रहण।
गूगल सर्च बार या स्क्रीन पर 'Solar Eclipse', 'Annual solar eclipse' अथवा 'सूर्य ग्रहण' टाइप करने पर यह एनिमेशन सामने आता है। पीले रंग वाले सूर्य के सामने चंद्रमा की आकृति आती है और सूर्य को ढकते हुए 'रिंग ऑफ फायर' का निर्माण करते हुए बायीं तरफ चली जाती है।
तीन बजकर 26 मिनट छह सेकंड पर सूर्यग्रहण की शुरुआत
सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की चाल मंगलवार को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खगोल प्रेमियों को वलयाकार सूर्यग्रहण का दृश्य दिखाएगी, हालांकि चार घंटे से अधिक समय तक चलने वाली यह रोमांचक खगोलीय घटना भारत में नजर नहीं आएगी। उज्जैन की एक वेधशाला ने सोमवार को यह जानकारी दी। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया,'भारतीय मानक समय के मुताबिक वलयाकार सूर्यग्रहण की शुरुआत मंगलवार को अपराह्न तीन बजकर 26 मिनट छह सेकंड पर होगी। यह खगोलीय घटना देर शाम सात बजकर 57 मिनट छह सेकंड पर खत्म होगी।’
भारत में नहीं दिखाई देगा वलयाकार सूर्यग्रहण
उन्होंने बताया कि ग्रहण मंगलवार शाम पांच बजकर 41 मिनट नौ सेकंड पर अपनी चरम स्थिति में पहुंचेगा। वेधशाला अधीक्षक के मुताबिक चरमावस्था पर सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा कुछ इस तरह आ जाएगा कि पृथ्वीवासियों को सौरमंडल का मुखिया 96.20 प्रतिशत ढका नजर आएगा और सूर्य एक चमकदार कंगन की तरह दिखाई देगा। गुप्त ने बताया, 'भारत में वलयाकार सूर्यग्रहण दिखाई नहीं देगा। यह खगोलीय घटना अर्जेंटीना, चिली, दक्षिण अफ्रीका और अंटार्कटिका में अच्छी तरह निहारी जा सकेगी।’ वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों ही एक सीध में आ जाते हैं।
