China Reusable Rocket Booster: चीन स्पेस सेक्टर में लगातार एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल करता जा रहा है। चीन ने अब ऐसी छलांग लगाई है, जो महज एलन मस्क के नेतृत्व वाली कंपनी स्पेसएक्स ही लगा पाई है। हालांकि, तकनीक उससे थोड़ी अलग है। स्पेसएक्स के बाद चीन ने पहली बार रीयूजेबल रॉकेट बूस्टर की सुरक्षित वापसी कराने का कीर्तिमान हासिल किया है।
रीयूजेबल रॉकेट बूस्टर (फोटो साभार: @SpoxCHN_MaoNing)
चीन ने शुक्रवार को पहली बार ऑर्बिटल-श्रेणी के रीयूजेबल रॉकेट के पहले चरण (फर्स्ट स्टेज) के बूस्टर की नियंत्रित रिकवरी सफलतापूर्वक कर ली। यह सफलता लॉन्ग मार्च-10B (Long March-10B) कैरियर रॉकेट के पहले लॉन्च के दौरान मिली और इसे चीन की रीयूजेबल रॉकेट तकनीक में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।
यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स ने दिसंबर 2015 में पहली बार ऑर्बिटल-श्रेणी के रॉकेट बूस्टर को सफलतापूर्वक रिकवर कर दुनिया में इतिहास रचा था।
कहां से लॉन्च किया गया रॉकेट
लॉन्ग मार्च-10B को दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। रॉकेट ने अपने पेलोड को निर्धारित कक्षा में स्थापित करने के बाद पहले और दूसरे चरण को अलग किया। इसके बाद बूस्टर नियंत्रित तरीके से सुरक्षित वापस लौटा और उसे समुद्र में बने एक मंच पर जाल प्रणाली की मदद से सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।
एक बार में मिल गई सफलता?
यह कहना गलत होगा कि चीन को एक बार में ही सफलता मिल गई है। दरअसल, दिसंबर 2025 में चीन के दो अन्य रीयूजेबल रॉकेटों ने स्पेसएक्स की तरह वर्टिकल लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन दोनों प्रयास असफल रहे थे। अमूमन स्पेसएक्स अपने रॉकेट बूस्टर को जमीन या समुद्र में मौजूद ड्रोन शिप पर उतारता है, जबकि चीन ने समुद्र आधारित रिकवरी प्लेटफॉर्म और नेट-कैप्चर तकनीक का इस्तेमाल किया है।
इंटरनेट पर छाया VIDEO
रीयूजेबल रॉकेट का वीडियो इंटरनेट पर छाया हुआ है। वीडियो में बूस्टर को धीरे-धीरे रिकवरी प्लेटफॉर्म पर उतरते और इस सफलता पर मौजूद लोगों को जश्न मनाते देखा गया।
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लॉन्ग मार्च-10B
चीन का लॉन्ग मार्च-10B एक रीयूजेबल लिक्विड-फ्यूल से संचालित कमर्शियल लॉन्च व्हीकल है। इसकी ऊंचाई लगभग 63 मीटर, व्यास 5 मीटर, लिफ्ट-ऑफ थ्रस्ट करीब 890 टन और कुल वजन लगभग 760 टन है। यह रॉकेट पृथ्वी की निचली कक्षा यानी लो-अर्थ ऑर्बिट में लगभग 16 टन तक का पेलोड ले जाने की क्षमता रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रीयूजेबल रॉकेट की बदौलत अंतरिक्ष मिशनों की लागत काफी कम हो सकती है और भविष्य में अधिक किफायती और त्वरित अंतरिक्ष मिशनों का रास्ता भी साफ हो सकता है।
