Rajnath Singh: सिंधु नदी का जल बार-बार छोड़ने के लिए गिड़गिड़ाने वाले पाकिस्तान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा संदेश दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवादियों को पनाह देने वालों तक भारत सिंधु नदी का एक बूंद तक पहुंचने नहीं देंगे। तेलंगाना भाजपा के 'इंटेलेक्चुअल मीट' को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 'पहलगाम में हुए आतंकी के बाद भारत ने सिंधु नदी जल समझौते को निलंबित कर दिया। भारत ने कहा कि जिनके आंखों का पानी सूख गया है उन्हें हमसे पानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हम मानवता के दुश्मनों एवं आतंकियों के संरक्षकों तक सिंधु नदी की एक बूंद भी पहुंचने नहीं देंगे।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
भारत के पास ब्रह्मोस मिसाइल भी है-राजनाथ
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत के दुश्मनों को यह नहीं भूलना चाहिए कि देश के पास न केवल टीके हैं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल भी है। उन्होंने कहा कि भारत के बजट का हर रुपया देश की सुरक्षा को मजबूत करने में इस्तेमाल किया जा रहा है और सरकार पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं हैं।
'मिशन सुदर्शन चक्र’ के बारे में बताया
रक्षा मंत्री ने भारत की रक्षा तैयारियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन में घोषित 'मिशन सुदर्शन चक्र’आधुनिक भारत की बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली बनने जा रहा है। राजनाथ ने कहा कि यह प्रणाली न केवल सैन्य ठिकानों और अहम बुनियादी ढांचे की रक्षा करेगी, बल्कि नागरिक बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।
निर्णायक प्रहार करने की क्षमता भी
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में ज़रूरत पड़ने पर निर्णायक प्रहार करने की क्षमता होगी और इसकी तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। वह यहां डीआरडीओ की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी (डीआरडीएल) स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स में उन्नत हथियार प्रणाली परिसर का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।
रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ के 'मिसाइल सिस्टम्स और स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स क्लस्टर’ की सराहना करते हुए कहा कि इसने भारत की तकनीकी उत्कृष्टता, रणनीतिक आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
