उद्धव-राज के बीच नहीं हो पाएगी सुलह? दोनों दलों के नेताओं ने दिए ये संकेत; जानिए क्यों आ रही अड़चनें

उद्धव-राज में सुलह के संकेत की चर्चा के बीच दोनों दलों के नेताओं ने कहा, राह आसान नहीं है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि मराठी मानुष के हित में एकजुट होना कठिन नहीं है, वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वह छोटी-मोटी लड़ाइयां छोड़कर आगे बढ़ने को तैयार हैं, बशर्ते राज्य के हितों के खिलाफ काम करने वालों को तरजीह न दी जाए।

Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच सुलह की अटकलों के जोर पकड़ने पर, शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं ने कहा है कि हालांकि इससे एक संभावना बनती दिख रही है, लेकिन व्यक्तिगत संबंध और संगठनात्मक तालमेल समेत कुछ बाधाएं हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।

Raj Thackeray Uddhav Thackeray Milan

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का हो पाएगा मिलन?

क्या ठाकरे भाईयों के बीच सुलह होना हो गया तय?

ठाकरे भाइयों के बीच संभावित सुलह की चर्चा तेज हो गई है तथा उनके बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि वे 'मामूली मुद्दों' को नजरअंदाज कर सकते हैं तथा अलग होने के लगभग दो दशक बाद एक बार फिर हाथ मिला सकते हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि मराठी मानुष के हित में एकजुट होना कठिन नहीं है, वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वह छोटी-मोटी लड़ाइयां छोड़कर आगे बढ़ने को तैयार हैं, बशर्ते राज्य के हितों के खिलाफ काम करने वालों को तरजीह न दी जाए।

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