उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेता अजय राय (Ajay Rai) ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की नेता स्मृति ईरानी (Smriti Irani) पर तंज कसते हुए कहा था कि वह वह सिर्फ लटके-झटके दिखाने के लिए अमेठी आती हैं। उसके बाद सियासी पारा चढ़ गया। इस पर स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसा क्यों लगता है कि अगर वे भारतीय सेना, आजादी के लिए लड़ने वालों, महिला नेताओं का अपमान करते हैं तो गांधी परिवार खुश होगा? ऐसी कई टिप्पणियां गांधी परिवार की उपस्थिति में की गईं। गांधी परिवार को ऐसी भाषा पसंद है तो नेता माफी क्यों मांगेंगे?
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की नेता स्मृति ईरानी
कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम में शामिल साधारण हिंदुस्तानियों को कुत्ता कहा
स्मृति ईरानी ने कहा कि भारतीय सेना के ऊपर अभद्र टिप्पणी (Indecent remarks) करना। सेना के लिए इस प्रकार के अपशब्दों का इस्तेमाल करना। महिला जनप्रतिनिधि जो उनके अध्यक्ष को हरा चुकी हों। उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना। अथवा स्वतंत्रता संग्राम में शामिल साधारण हिंदुस्तानियों को कुत्ता कहना। ऐसा क्यों है कि कांग्रेस (Congress) के नेताओं को लगता है। इस प्रकार के निम्न वर्ग के शब्दों का इस्तेमाल करना। गाली देखकर क्यों उन्हें लगता है गांधी खानदान खुश हो जाएगा। वह कौन सा कल्चर है। जो गांधी खानदान सर्टिफाइड किया है।
#WATCH | Why do Congress leaders feel Gandhi family will be happy if they insult Indian Army, those fought for free… t.co/RiKuxdwCwi
— ANI (@ANI) Dec 20, 2022
महामहिम राष्ट्रपति के खिलाफ भी की अभद्र टिप्पणी
उन्होंने कहा कि प्रश्न ये उठता है ये सारे बयान, चाहे महामहिम राष्ट्रपति जी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी हो। चाहे मेरे खिलाफ अभद्र टिप्पणी हो। चाहे नरेंद्र मोदी को मौत की घाट उतारने की बात हो। चाहे भारतीय सेना के खिलाफ टिप्पणी हो। ये सारी टिप्पणियां कांग्रेस के जितने भी नेता हैं। वो सर्वसम्मति से, कई टिप्पणियां तो गांधी खानदान की उपस्थिति में दी गईं। तो ऐसा क्या है जो गांधी खानदान इस प्रकार के अभद्र व्यवहार को प्रोत्साहन देता है। मूलत: प्रश्न ये है। क्या तरक्की गांधी खानदान तभी करने देगा जब आप इस प्रकार की भद्दी गालियां देंगे।
गांधी खानदान का असली चरित्र उजागर हुआ
अगर ऐसा है तो गांधी खानदान के असली चरित्र का सही उजागर करने वाला एक अंश है। यह बोलचाल की भाषा पर उन्होंने कहा कि बनारस और उत्तर भारत को जो लोग जानते हैं। हमारी संस्कृति और हमारी सभ्यता में महिला के प्रति अभद्र टिप्पणियां करना, हमारे संस्कार का विषय नहीं है। उनके राजनीति संस्कार का दर्पण हो सकता है। लेकिन काशी का, मोक्षदायिणी का ये ना संस्कार है, ना ऐसे शब्द जो हैं हमारी न राजनीतिक, न सास्कृतिक, न सामाजिक श्रृंगार का न वर्णन है न उसका एक भाग है।
अभद्र भाषा गांधी खानदान का संस्कार है?
कांग्रेस के ना माफी मांगने पर उन्होंने कहा कि अगर गांधी खानदान को पसंद है। अभद्र भाषा। कोई भी कांग्रेसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। वो माफी क्यों मांगेगा। उनको तो तमगा पाना है गांधी खानदान से। ऐसी टिप्पणियां करके ही तमगा पाया जा सकता है। तो ये विषय गांधी खानदान के संस्कारों का है। साधारण कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को तो छोड़ दीजिए। साधारण राजनीतिक कार्यकर्ता भी इस तरह की टिप्पणी नहीं करते हैं। तो ऐसा क्यों है, आम कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लगता है। सोनिया जी को, राहुल जी को, ऐसी बातें भाएंगी। ऐसा क्या है उनके चरित्र के बारे में। आखिर क्यों लगता है कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को मोदी को मौत की घाट उतारने की बात करूंगा तो सोनिया जी खुश हो जाएंगी।
