Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले सियासत गरमाने लगी है। खासकर शिवसेना गुट के दोनों धड़े एक-दूसरे पर जुबानी जंग तेज कर चुके हैं। शिवसेना की स्थापना दिवस पर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने एक दूसरे को कठघरे में खड़ा किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि 'जो पहले मरा हुआ है, उसे क्या मारना।' शिंदे ने उद्धव को ‘हिंदूत्व का गद्दार’ करार देते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता की मोह में बाला साहेब ठाकरे के विचारों से समझौता कर लिया। स्थिति ऐसी हो गई है कि अब उनको मनसे से गठबंधन करना पड़ रहा है।
महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुट एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं।
अमित शाह के तोते हैं एकनाथ-राउत
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार को शिंदे से पूछा कि 'एक भाई दूसरे भाई से यदि हाथ मिला रहा है तो उनको जलन क्यों हो रही है? ये जलन, अमित शाह, मोदी और फड़णवीस की है क्योंकि आप उनके तोते और प्रॉक्सी हो।' राउत ने कहा कि 'राजनीति में कोई मरता नहीं है। राजनीति में किसी को मारा भी नहीं जाता। लोकतंत्र में बहुमत बहुत चंचल चीज होती है। आज आपके पास है, कल हमारे पास होगा। ये जिंदे और मुर्दे की राजनीति भाजपा की है। शिंदे भाजपा के खेमे में हैं तो उनका यही संस्कार है। वह इसी तरह की बातें करेंगे।'
उद्धव ने शिंदे गुट को 'गद्दार' बताया
उद्धव ने भी शिंदे पर करारा प्रहार किया है। हिंदी फिल्म ‘प्रहार’ का एक संवाद बोलते हुए ‘गद्दारों’को चुनौती दी। उद्धव, शिंदे के नेतृत्व वाले समूह को ‘गद्दार’ कहते हैं, जो तीन वर्ष पहले उन्हें छोड़कर राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गया था। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे दोनों ने ही 1966 में बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना के 59वें स्थापना दिवस का जश्न मनाने के लिए मुंबई में अपनी पार्टियों की रैलियों को संबोधित किया। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का कार्यक्रम वर्ली के एनएससीआई डोम में आयोजित किया गया, जबकि शिवसेना (उबाठा) की रैली सायन क्षेत्र के षणमुखानंद हॉल में हुई।
भाजपा नहीं चाहती मराठी पार्टियां एकजुट हों-उद्धव
उन्होंने कहा, 'लोग जो चाहते हैं, वही होगा। हम दिखाएंगे कि यह कैसे किया जाता है। भाजपा और शिंदे सेना नहीं चाहती कि मराठी पार्टियां एकजुट हों। अगर आप ठाकरे ‘ब्रांड’ को खत्म करने की कोशिश करेंगे, तो हम भाजपा को खत्म कर देंगे।' फिल्म ‘प्रहार’ के मशहूर संवाद को दोहराते हुए ठाकरे ने कहा, 'फिल्म में नाना पाटेकर की तरह, मैं इन गद्दारों के सामने खड़ा हूं और उनसे कह रहा हूं, आओ, मुझे मार दो।' ठाकरे ने ‘त्रिशूल’ फिल्म का नाम लिए बिना कहा, 'लेकिन अगर आप मुझ पर हमला करने की हिम्मत करते हैं, तो अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म की तरह एम्बुलेंस लेकर आएं, क्योंकि आपका भी यही हश्र होगा।'
सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करना काफी नहीं-शिंदे
शिंदे ने वर्ली में रैली के दौरान पलटवार करते हुए कहा, 'सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करना काफी नहीं है। आपको कलाइयों में ताकत की जरूरत है।'
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में हिंदी को किसी भी कीमत पर थोपने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा निकाय चुनावों की पूर्व संध्या पर मराठी और हिंदी भाषी लोगों के बीच विभाजन पैदा करना चाहती है। उद्धव ठाकरे ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी मुंबई नगर निकाय पर अपना कब्जा बरकरार रखेगी। ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा के पास अपनी कोई विरासत नहीं है और उसे सरदार वल्लभभाई पटेल की एक विशाल प्रतिमा स्थापित करनी पड़ी, जिन्होंने देश के गृह मंत्री रहते हुए आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था।
