Matuknath and Julie Love Story : मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी आप भूले नहीं होंगे। यह प्रेम कहानी 2006 में हर एक के जुबान पर थी। बिहार के 65 साल के प्रोफेसर मटुकनाथ को अपनी ही 30 साल की शिष्या जूली से इंतहा प्यार हो गया। प्रेम भी लौकिक नहीं दैविक हुआ। जूली के प्रेम में मटुकनाथ ने अपने घर-बार, पत्नी, बेटे सबसे बैर मोल ले लिया। जूली के प्रेम के आगे सारे रिश्ते छोटे पड़ गए। मटुकनाथ-जूली की प्रेम कहानी 21वीं सदी की सबसे चर्चित लव स्टोरी बन गई। लेकिन इस लव स्टोरी के दोनों पात्र अब अलग-अलग हैं। मटुकनाथ बिहार में नवगछिया के कोरचक्का में अपनी जिंदगी अकेले काट रहे हैं। वह अपना स्कूल चला रहे हैं। तो जूली कैरिबियाई देश त्रिनिदाद में हैं।
मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी 2006 में सामने आई।
क्यों छोड़ गई जूली?
रिपोर्टों के मुताबिक मटुकनाथ और जूली 2007 से 2014 तक लिव इन रिलेशनशिप में रहे। सात साल साथ रहने के बाद जूली मटुकनाथ को छोड़कर विदेश चली गई। जूली आखिरकार मटुकनाथ को छोड़कर गई क्यों? इसका जवाब आज तक नहीं मिला। साथ छोड़ने को लेकर न तो मटुकनाथ ने और न ही जूली ने कुछ कहा है। साल 2006 में इन दोनों के प्रेम पर समाज एवं इनके परिवार ने जब सवाल उठाया तो दोनों ने दावा किया कि उनका प्रेम जन्म जन्मांतर का है। यह तन का नहीं मन का प्रेम है।
7 साल तक लिव इन में रहे जूली-मटुकनाथ
मटुकनाथ ने अपने इस प्रेम की गहराई साबित करने के लिए आध्यात्म लेकर साहित्य तक एक से बढ़कर उदाहरण पेश किए। जूली ने भी दार्शनिक अंदाज में जवाब दिए कि प्रेम में उम्र का कोई बंधन नहीं होता। बहरहाल, मटुकनाथ का परिवार ने भले ही इस नए प्रेम को नहीं किया लेकिन समाज ने इस नए रिश्ते को मान्यता दे दी। लेकिन प्रेम के इस रिश्ते में बिखराव इतनी जल्दी आ जाएगा इसकी उम्मीद शायद किसी को नहीं थी। सात साल साथ रहने के बाद जूली 2014 में मटुकनाथ को छोड़कर चली गई। जूली क्यों गई? मटुकनाथ को छोड़कर जाने की उसकी वजह क्या थी? वह कैरेबियाई देश ही क्यों गई? वहां पर वह किसके साथ है? ये सारे सवाल आज भी कायम हैं।
भोजपुरी गायिका देवी ने उठाया जूली का मुद्दा
भोजपुरी गायिका देवी ने कुछ साल पहले जूली को लेकर मटुकनाथ पर आरोप लगाए थे। देवी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि जूली बीमार हैं। वह बेड से उठ नहीं पा रही हैं। उन्हें मनोचिकित्सक की जरूरत है। मैंने जूली के भाई से बात की वह यूरोप में रहते हैं। भाई ने जूली का इलाज कराने से इंकार कर दिया। भाई ने कहा कि जूली से उनका अब कोई रिश्ता नहीं है। देवी ने कहा कि इसके बाद उन्होंने मटुकनाथ से बात की। मटुकनाथ ने पैसे के अभाव में जूली का इलाज कराने से इंकार कर दिया। फिर देवी ने जूली के हालात पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा।
मटुकनाथ का दावा-जूली ठीक हैं
मटुकनाथ ने कहा कि देवी ने जूली की जो तस्वीर दिखाई है वह एक साल पुरानी है। वह जूली से मिलने गए थे और कुछ समय साथ रहकर लौटे। वह अब बिल्कुल ठीक हैं। जूली वहां खुश हैं। वहां पर उनका अच्छा देखभाल होता है। कोई कहां रहे यह हर किसी का व्यक्तिगत मामला होता है लेकिन जब आप परंपराओं एवं स्थापित मूल्यों से हटकर एक नई लकीर खींचते हैं। गुरु और शिष्या के पवित्र रिश्ते को अलौकिक प्रेम की तरफ ले जाते हैं और फिर जब यह रिश्ता दरकता है तो मन में कई तरह के सवाल उठते हैं।
