TS Singh Deo Profile: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव को छत्तीसगढ़ की डिप्टी सीएम बनाया गया है। सीएम पद की रेस में रहने वाले सरगुजा के 'महाराजा' मुख्यमंत्री तो नहीं बन पाए लेकिन चुनाव से पहले कांग्रसे ने डिप्टी सीएम का पद देकर उन्हें साधने की कोशिश की है। देव छत्तीसगढ़ के सबसे अमीर विधायक हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनका प्रभाव एवं दखल दोनों है। 70 साल की उम्र में टीएस सिंह देव की सक्रियता एवं चुस्ती-फूर्ती एक युवा की तरह है। यहां हम उनके सार्वजनिक एवं निजी जीवन पर एक नजर डालेंगे।
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम बनाए गए हैं टीएस सिंह देव।
2008 में पहली बार विधायक बने
छत्तीसगढ़ में सरगुजा के महाराजा नाम से मशहूर त्रिभुनेश्वर सरन सिंह देव का जन्म 31 अक्टूबर 1952 को हुआ। शाही परिवार से आने वाले देव साल 2008 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। वह छत्तीसगढ़ के सबसे अमीर विधायक और अम्बिकापुर से एमएलए हैं। इस सीट पर वह तीन बार विजयी हो चुके हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने इस सीट पर भाजपा के अनुराग सिंह देव को 39,624 वोटों के अंतर से हराया। यही नहीं, छत्तीसगढ़ की चौथी विधानसभा में वह विपक्ष के नेता भी रहे।
2018 में सीएम पद की रेस में थे
साल 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने पर टीएस सिंह सीएम पद की रेस में थे लेकिन इस दौड़ में बाजी भूपेश बघेल के हाथ लगी। फिर भी इन्हें खुश रखने के लिए कांग्रेस ने इन्हें बघेल सरकार में अहम विभागों की जिम्मेदारी दी। राज्य का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, मेडिकल एजुकेशन, 20 सूत्रीय प्रोग्राम योजना, कॉमर्शियल टैक्स और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग उन्हें सौंपे गए। कैबिनेट में रहते हुए उनका गतिरोध सीएम बघेल के साथ जारी रहा। सीएम पद पर बघेल के ढाई साल पूरे होने पर उनके समर्थक विधायक दिल्ली आए और वादे के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान से टीएस सिंह को सीएम बनाने की मांग की। हालांकि, पार्टी आलाकमान के समझाने-बुझाने पर वह मान गए।
..आसमान से लगा दी छलांग
अपने राजनीतिक जीवन की तरह टीएस सिंह अपने निजी जीवन में भी काफी सक्रिय हैं। उन्हें खेल एवं रोमांच पसंद है। करीब 70 साल के हो चुके टीएस सिंह देव में फुर्ती एवं जज्बा गजब का है। अभी कुछ समय पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। अपनी इस यात्रा में उन्होंने स्काइडाइविंग की। प्लेन में सवार देव ने हजारों फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। टीएस सिंह चुनौतियों एवं मुश्किलों से घबराते नहीं है बल्कि उसका सामना डट कर करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के आसमान से छलांग लगाते टीएस सिंह देव। तस्वीर-इंस्टाग्राम
सरगुजा के अंतिम राजा हैं टीएस सिंह
टीएस सिंह सरगुजा जिला के 118वें राजा हैं। वह शल्युजा शाही परिवार से तालुकात रखते हैं। इन्हें लोगों के बीच रहना पसंद है। पहली बार सन 1983 में टीएस सिंह नगर पालिका परिषद् अंबिकापुर के अध्यक्ष पद पर मनोनीत हुए। इस पद पर वह 10 वर्षों तक रहे। साल 2009 में इन्हें विशेषाधिकार समिति का सदस्य बनाया गया। साल 2013 में वह दूसरी बार छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। 2018 के चुनाव में इन्होंने अपनी चल-अचल सम्पति लगभग 514 करोड़ रुपए बताई। टीएस सिंह ने 68 वर्ष की उम्र में स्नातक की डिग्री ली। राजनीति में टीएस सिंह के 38 वर्ष हो गए हैं।
लोगों के बीच 'टीएस बाबा' के नाम से हैं मशहूर
टीएस सिंह देव के पिता का नाम मदनेश्वर सरन सिंह देव और माता कानाम देवेंद्रकुमारी सिंह देव है। देव की शादी 1981 में कुमारी तरुणा देवी के साथ हुई। देव की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उनको उनके क्षेत्र के लोग "टीएस बाबा" के नाम से बुलाते हैं।
