कौन हैं अल्फ्रेड टायरोन कुक? जिन्हें इंडियन एयरफोर्स ने भारत-पाक युद्ध 1965 के लिए किया सम्मानित

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 5, 2023, 08:31 AM IST

IAF Honours Lieutenant Alfred Tyrone Cooke: 7 सितंबर, 1965 को सुबह के लगभग 10:30 बजे थे। उस दिन कलाईकुंडा हवाई अड्डे से वह कुक की तीसरी उड़ान थी। वो करीब 20,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। इसी बीच उन्हें कलाईकुंडा बेस पर पाकिस्तानी एयरफोर्स के हमले को नाकाम करने का ग्राउंड कंट्रोल से आदेश मिला।

Indian Air Force News: साल 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में एक जांबाज योद्धा लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टायरोन कुक को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने बुधवार को युद्ध में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। नकली हवाई युद्ध (Mock Air Combat) का एक हवाई प्रदर्शन आयोजित किया गया जिसमें दिखाया गया कि 1965 के युद्ध के दौरान कलाईकुंडा बेस को कैसे बचाया गया था।

Alfred Tyrone Cooke

लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टायरोन कुक को IAF ने किया सम्मानित।

अल्फ्रेड टायरोन कुक ने जाहिर की खुशी

कार्यक्रम में विमान और उपकरणों का एक प्रदर्शन किया गया, जिसमें गोला-बारूद के साथ छोटे से लेकर बड़े विमान भी दिखाए गए। इस मौके पर बोलते हुए, लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टायरोन कुक ने कहा कि यह उनके लिए एक भावुक पल था, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन के सात साल कलाईकुंडा वायु सेना अड्डे पर बिताए थे। लेफ्टिनेंट कुक ने कहा कि 'अपने पुराने शिकारी विमान (Old Hunter Aircraft) से मिलकर बहुत अच्छा लगा, जिसे मैं उड़ाता था। 1968 में मैंने इसे आखिरी बार उड़ाया था। यहां वापस आकर और लड़कों को मेरे लिए फ्लाईपास्ट करते हुए देखकर अच्छा लगा। मैं भावुक हो गया क्योंकि मैंने इसे खुद किया था। मेरी आंखों में आंसू हैं, वापस आकर अच्छा महसूस हो रहा है। मैंने अपने जीवन के सात साल यहां बिताए हैं और आज मैं घर वापस आ गया हूं।'

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