संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में उस वक्त माहौल गरम हो गया जब प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन के दौरान बिना नाम लिए नवनियुक्त शिक्षामंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनके स्वागत को लेकर सरकार पर तंज कसने के दौरान आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया है, जिसने गुजरात में रेप पीड़िता के आरोपियों की रिहाई का स्वागत किया था। उनका ये बयान तब आया जब लोकसभा में परीक्षा में धांधली रोकने के लिए लाए गए संशोधन विधेयक 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा चल रही थी।
प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी पर बिना नाम लिए साधा निशाना।
संसद में भारी हंगामा
प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद संसद में हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष ने इसे लेकर अपना जोरदार विरोध दर्ज कराया। वहीं, स्पीकर ने भी प्रियंका गांधी को टोंकते हुए कहा कि बिना तथ्यों के सदन में बात नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस विषय पर सदन में चर्चा चल रही है, केवल इसी बात पर बोलें।
किरेन रिजिजू ने की माफी की मांग
इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भी प्रियंका गांधी के इस दावे का जोरदार विरोध किया। उन्होंने सत्तापक्ष के अपने साथियों के साथ मिलकर जोरदार हंगामा करते हुए प्रियंका गांधी से माफी मांगने की बात की। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने हमारे नए शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की है, वह चरित्र हनन है। उन्होंने इस टिप्पणी को रिकॉर्ड से भी हटाने की मांग की। रिरिजू ने कहा कि संसद में सांसदों को जिम्मेदारी से कोई बात कहनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी अपने इस दावे को साबित करें और अगर वे ऐसा नहीं कर सकती तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा ने बयान की सत्यता पर उठाया सवाल
इस दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसी भी टिप्पणी पर आगे बढ़ने से पहले उसे प्रमाणित किया जाना चाहिए। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अतीत में भी सदन में कई नेताओं के खिलाफ टिप्पणियां की गईं, लेकिन उन्हें रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया था। उन्होंने निशिकांत दुबे का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने इसी सदन में जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को लेकर भी गलत टिप्पणियां की थीं, लेकिन वे आज भी रिकॉर्ड में रखा गया है।
प्रह्लाद जोशी ने किया खंडन, प्रियंका ने दिखाई अखबार की कटिंग
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सदन में कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई नोटिस नहीं मिला है और उनसे जुड़ा जो दावा किया जा रहा है, वह गलत है। उन्होंने संबंधित बयान का खंडन करते हुए कार्रवाई की मांग की। इस पर प्रियंका गांधी ने एक समाचार पत्र की कटिंग सदन में दिखाते हुए पूछा कि क्या मंत्री उस प्रकाशित बयान से भी इनकार कर रहे हैं। वहीं, इस विवाद को बढ़ता देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से केवल विधेयक पर चर्चा करने को कहा। इसके बाद प्रियंका ने छात्रों के आंदोलन और उनपर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार पर जमकर तंज कसे।
