Explained : क्या होता है चुनावी बॉन्ड? कब हुआ था शुरू और क्या था इस पर विवाद

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 15, 2024, 02:50 PM IST

What is Electoral Bond Scheme : कोई भी व्यक्ति अकेले या अन्य व्यक्तियों के साथ संयुक्त रूप से चुनावी बॉन्ड खरीद सकता है। भारतीय स्टेट बैंक 1000 रुपए, 10,000 रुपए, एक लाख, 10 लाख और एक करोड़ रुपए मूल्य वाले बॉन्ड बेचता है। अब वह इन्हें बेच नहीं पाएगा।

Electoral Bond Scheme : चुनावी बॉन्ड योजना पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक(Electoral bonds scheme 'unconstitutional') करार देते हुए इसे रद्द कर दिया। प्रधान न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने कहा कि नागरिकों की निजता के मौलिक अधिकार में राजनीतिक गोपनीयता, संबद्धता का अधिकार भी शामिल है और यह योजना संविधान प्रदत्त सूचना के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है। कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से चुनावी बॉन्ड का विवरण निर्वाचन आयोग को देने के लिए कहा है जिन राजनीतिक दलों को 12 अप्रैल 2019 से इसके जरिए धनराशि मिली है।

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साल 2018 से यह योजना शुरू हुई।

बैंक अब जारी नहीं कर पाएगा चुनावी बॉन्ड(Bank on Electoral Bond )

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उन राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ा झटका है जिन्हें इसके जरिए बड़ी मात्रा में अनुदान मिल रहा था। चुनावी बॉन्ड योजना पर सुनवाई करते हुए सीजेआई चंद्रचूड ने कहा कि दो अलग-अलग लेकिन पीठ ने सर्वसम्मति से फैसले लिए हैं। कोर्ट ने बैंक को चुनावी बॉन्ड को जारी करने से मना किया है। उच्चतम न्यायलय ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है।

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