West Bengal Poll Violence: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच हुई हिंसा ने लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया। देश ने वह सबकुछ देखा, जो शायद कई सालों तक याद रखा जाएगा। लोकतंत्र पर किए गए घावों का दर्द रह-रहकर उठता रहेगा।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच हिंसा
दरअसल, चुनाव के बीच हिंसा, बूथ-कैप्चरिंग बीते जमाने की बात हो चुकी थी, लेकिन पश्चिम बंगाल में शनिवार को शुरू हुई वोटिंग के बीच दहशतगर्दी का ऐसा आलम शुरू हुआ कि देर शाम तक बमबारी, चाकूबाजी, पत्थरबाजी और बैलट बॉक्स लूटे जाने की खबरें आती रहीं। चुनाव के बीच हुई हिंसा की अलग- अलग घटनाओं में यहां 12 लोगों की मौत हुई। इससे पहले शुक्रवार शाम को छह लोगों की मौत हुई थी। आइए 10 प्वाइंट में जानते हैं पश्चिम बंगाल हिंस की पूरी इनसाइड स्टोरी...
1. 24 घंटे में 18 मौतें
बीते शुक्रवार शाम से शनिवार शाम यानी 24 घंटे में यहां 18 लोगों की मौत हो गई। इसमें सभी राजनीतिक दलों से हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वालों में 10 टीएमस कार्यकर्ता, तीन बीजेपी, तीन कांग्रेस और दो सीपीआईएम कार्यकर्ता शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के बीच हुई हिंसा की ये वारदात मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, पूर्वी बर्दवान, मालदा, नादिया, उत्तरी 24 परगना, दक्षिण 24 परगना जिले में हुईं।
2. मतदान शुरू होते ही हिंसा
मतदान शुरू होने के बाद दिन के समय में ही मतपेटियों की लूट की खबरें सामने आईं। कूच बिहार जिले के दिनहाटा में, बारविटा सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक बूथ पर मतपेटियों में तोड़फोड़ की गई और मतपत्रों में आग लगा दी गई। बरनाचिना क्षेत्र के एक अन्य बूथ पर, स्थानीय लोगों ने गलत मतदान का आरोप लगाते हुए मतपत्रों के साथ एक मतपेटी को भी आग लगा दी।
3. पुलिस वाहनों को भी नहीं छोड़ा गया
पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा में पुलिस के वाहनों को भी नहीं छोड़ा गया। मुर्शिदाबाद जिले में उपद्रवियों ने एक पुलिस वाहन को ही आग लगा दी।
4. कहां हुई चूक
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव के बीच हुई हिंसा के बाद ममता बनर्जी के आरोपों का जवाब देते हुए बीएसएफ ने बड़ा दावा किया गया है। बीएसएफ ने कहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने उन बूथों की जानकारी नहीं दी थी, जो संवेदनशील थे।
5. जहां पुलिस की तैनाती वहां हिंसा ज्यादा
रिपोर्ट में सामने आया है कि जहां केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी, उन बूथों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुई हैं। हालांकि, जहां राज्य पुलिस बल तैनात था, उन संवदेनशील बूथों पर हिंसा ज्यादा हुई। नतीजतन कई मौतें भी हुईं।
6. कई जगह हुई बमबाजी
पश्चिम बंगाल में कई बूथों पर बमबाजी की भी घटनाएं हुईं। तूफानगंज के एक पोलिंग बूथ पर बम फेंके गई, भाजपा के पोलिंग बजेंट माधव विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
7. बैलेट बॉक्स की हुई लूट
कूचविहार में एक युवक ने बैलेट बॉक्स को ही लूट लिया। इसके अलावा दिनहाटा में एक मतदान केंद्र में मतपेटी में आग लगा दी गई। यहां के एक मतदान केंद्र में मतपेटी पानी में फेंक दी गई।
8. भाजपा ने की राष्ट्रपति शासन की मांग
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। हिंसा के खिलाफ उन्होंने कालीघाट तक मार्च निकालने की धमकी दी। उन्होंने चुनावी हिंसा की सीबीआई और एनआईए से जांच कराने की भी मांग की।
9. हो सकता है दोबारा मतदान
हिंसा के बाद कई मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने की मांग है। बंगाल राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पैनल वोटों से छेड़छाड़ की शिकायतों पर गौर करेगा और पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद निर्णय लेगा।
10. पांच बजे तक 66.28 प्रतिशत मतदान
राज्य में 73,887 सीटों पर सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ और 5.67 करोड़ लोगों ने लगभग 2.06 लाख उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला किया।हिंसा के बीच शाम पांच बजे तक 66.28 प्रतिशत मतदान हुआ।
