पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को गंगाजल से साफ किया। यह काम उन्होंने शुक्रवार (एक दिसंबर, 2023) को कोलकाता स्थित विस में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में किया।
शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में अंबेडकर की प्रतिमा के आसपास के हिस्से को बीजेपी विधायकों ने गंगाजल से साफ किया।
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने इस बारे में पत्रकारों से कहा कि वह मार्शल से कहेंगे कि शुभेंदु से अंबेडकर प्रतिमा के हिस्से को गंगाजल से साफ करने का कारण पूछें। बकौल बनर्जी, ‘‘मैं जानना चाहूंगा कि ऐसा क्यों किया गया।’’
अधिकारी के अनुसार, ‘‘लुटेरों, लोकतंत्र के हत्यारों की पार्टी के विधायक, जिन्हें पश्चिम बंगाल के लोगों ने पहले ही खारिज कर दिया है और राज्य पुलिस और मशीनरी की मदद से सत्ता से चिपके हुए हैं, उन्होंने पिछले दो दिनों से यहां अपनी उपस्थिति के साथ आंबेडकर जी की पवित्र प्रतिमा को कलंकित किया है।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने प्रतीकात्मक रूप से प्रतिमा को गंगाजल से साफ करने का फैसला सर्वसम्मति से लिया। तृणमूल कांग्रेस के उप मुख्य सचेतक तापस रॉय ने कहा कि आंबेडकर प्रतिमा को गंगाजल से साफ करके भाजपा ने ‘‘देश में दलितों और अन्य पिछड़ा वर्गों पर अत्याचारों तथा संविधान और लोकतंत्र की हत्या के अपने ही पापों का प्रायश्चित किया’’ है। उन्होंने आगे बताया, ‘‘वे विधानसभा के अंदर अध्यक्ष की अनुमति के बिना ऐसी चीजें नहीं कर सकते। हमने अपने आंदोलन से पहले विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी ली थी।’’
दरअसल, यह प्रतीकात्मक कदम दो रोज पहले 29 नवंबर को सूबे की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की चीफ ममता बनर्जी के नेतृत्व में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायकों की ओर से प्रतिमा के नीचे दिए गए दो दिवसीय धरने के जवाब में उठाया गया था।
टीएमसी विधायकों ने बंगाल में केंद्रीय निधि जारी करने और केंद्रीय परियोजनाओं के कार्यान्वयन में केंद्र की भाजपा सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए धरना दिया था। सदन में पिछले दो दिन से बीजेपी और टीएमसी के एमएलए ‘चोर चोर’ के नारे लगा रहे हैं। टीएमसी ने जिस जगह अंबेडकर मूर्ति के नीचे बैठ कर धरना दिया था, वहीं भाजपा ने मुख्य विधानसभ हॉल के प्रवेश के पास धरना दिया।
