LIVEWeather Update: हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी, भूस्खलन-अचानक बाढ़ का खतरा

Weather Update: हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी, भूस्खलन-अचानक बाढ़ का खतरा
Weather Today Live Update: मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शनिवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। स्थानीय कार्यालय ने बताया कि भारी बारिश के कारण भूस्खलन तथा अचानक बाढ़ आने की आशंका है और नदियों तथा नालों में पानी का प्रवाह भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों में अचानक बाढ़ के लिए मध्यम से अत्यधिक खतरे की चेतावनी जारी की है। वहीं, राज्य में तीन अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी एक अगस्त को कुल्लु और मनाली के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। राज्य में हाल हीं में आई बाढ़ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और पीडब्ल्यूडी की कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है और कई पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों का अनुमान हे कि सड़क अवसंरचनाओं को 1800-2000 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। शिमला और किन्नौर जिले को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच को शुक्रवार को खनेरी में भूस्खलन के कारण फिर से बंद कर दिया गया। हिमाचल प्रदेश में 466 सड़कें अभी भी वाहनों के आवागमन के लिए बंद हैं जबकि 552 ट्रांसफार्मर और 204 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। हिमाचल के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हुई जिसमें बीते 24 घंटों में शाम छह बजे तक भोरंज में 127 मिलीमीटर (मिमी), कटौला में 118 मिमी, धर्मशाला में 87 मिमी, रामपुर में 49 मिमी, मंडी में 63 मिमी, नैना देवी और सुंदरनगर में 42 मिमी और कांगड़ा में 47 मिमी बारिश हुई। राज्य में 24 जून को मानसून आने के बाद से अभी तक बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में 184 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 33 लोग लापता हैं। नीचे, कार्ड सेक्शन में जानिए और अपडेट्स:
महाराष्ट्रः रायगढ़ में भारी बारिश, पांच तालुकों में 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक बारिश
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बीते 24 घंटों में भारी बारिश हुई जिसमें पांच तालुकों में 200 मिलीमीटर(मिमी) से अधिक बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को जिला प्राधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में सुबह 10 बजे तक जिले में 164.7 मिमी बारिश हुई। आंकड़ों में बताया गया कि उरण, अलीबाग, पनवेल और मुरुड में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई जबकि इस अवधि में रोहा में सबसे कम 140.6 मिमी बारिश हुई। अधिकारी ने बताया कि जिले में प्रमुख नदियां कुंडलिका, अंबा और पातालगंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जबकि 24 बांधों में क्षमता से अधिक पानी हो गया है। श्रीगांव बांध में उसकी क्षमता का 80 प्रतिशत पानी एकत्रित हो गया है जबकि पुनेड में 81 प्रतिशत, कार्ले में 68 प्रतिशत और रानिवली में 66 प्रतिशत पानी एकत्रित हो गया है। जिले में बांधों की कुल क्षमता 6.826 करोड़ क्यूबिक मीटर है। अलीबाग तालुका के ताजपुर गांव में बृहस्पतिवार रात को बारिश के बीच भूस्खलन हो गया। हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने गांववालों को घर खाली कर स्थानीय विद्यालय की इमारत में जाने के लिए नोटिस जारी किया है।
गुरुग्रामः बारिश के बाद दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस वे पर जाम
भाजपा ने यमुना में आई बाढ़ पर चर्चा करने के लिए विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने शुक्रवार को मांग की है कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार यमुना में आई बाढ़ से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए विधानसभा का सत्र बुलाए। भाजपा ने इसके साथ ही दावा किया कि प्रभावित लोगों के लिए सरकार द्वारा घोषित मुआवजा "बहुत कम" है। प्रदेश भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि कितने बाढ़ प्रभावित लोगों को उनकी सरकार ने 10,000 रुपये की आर्थिक मदद दी है? सचदेवा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ यह मुआवजा उन प्रभावित लोगों के लिए बहुत कम है जिन्होंने अपना सारा सामान और आजीविका के साधन खो दिए हैं। 10,000 रुपये से कोई अपना मासिक खर्च भी पूरा नहीं कर सकता।” दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मांग की कि केजरीवाल सरकार को तुरंत विधानसभा का मानसून सत्र बुलाना चाहिए और राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ पर चर्चा करनी चाहिए।
यूपीः मथुरा का भी बारिश के बाद हुआ ऐसा हाल
दिल्लीः विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश, ऐसा रहा इंडिया गेट का हाल
हरियाणाः बारिश के बाद इस रूट पर भीषण जाम
तेलंगाना बारिश: कांग्रेस का प्रदर्शन, रेड्डी ने प्रभावित इलाकों का किया दौरा
कांग्रेस ने शुक्रवार को बारिश से निपटने में विफल होने का आरोप लगाते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार के खिलाफ ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा के सामने तेलंगाना शहीद स्मारक से जीएचएमसी कार्यालय तक रैली निकाली। यह प्रदर्शन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी के आह्वान पर किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता हाथों में ‘हैदराबाद बचाओ’ लिखी तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस सरकार ने शहर को विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का वादा किया था, लेकिन भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए।
राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश
राजस्थान में पिछले 24 घंटों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश जबकि अन्य स्थानों पर गजर के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान जोधपुर, उदयपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के जिलों में बीती रात भारी बारिश हुई। मूसलाधार बारिश के कारण कई शहरों और कस्बों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है। प्रांतीय राजधानी जयपुर में शुक्रवार को शहर के कई स्थानों पर रूक-रूक हो रही बारिश से कारण हुए जलभराव से यातायात जाम हो रहा है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जयपुर मौसम केन्द्र के प्रवक्ता ने बताया कि पूर्वी राजस्थान के अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग में मानसून सक्रिय रहने तथा अधिकतर भागों में बारिश व कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश व एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को भी पूर्वी व उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों भरतपुर, जयपुर कोटा संभाग के कुछ भागों में मानसून सक्रिय रहने तथा बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रवक्ता के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अलवर, जयपुर, सीकर, सिरोही, जोधपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान सबसे ज्यादा वषा्र सिरोही के माउंट आबू में 14 सेंटीमीटर हुई जबकि राजसमंद के रेलमगरा में 12 सेंटीमीटर, जोधपुर फलोदी में 11, जयपुर के कोटपूतली में 10, और अलवर के बहरोड तथा श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में नौ सेंटीमीटर बारिश हुई है।
गुजरात में भारी बारिश से जलभराव
गुजरात के दक्षिणी और मध्य क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक बीते 30 घंटों में हुई बारिश से जलभराव हो गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सूचना दी की इस अवधि में 19 तालुकाओं में 100 मिलीमीटर(मिमी) से अधिक बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि सूरत के महुवा तालुका में बृहस्पतिवार सुबह छह बजे से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक 302 मिमी बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को छोटाउदेपुर, पंचमहाल, दाहोद, वडोदरा, भरूच और वलसाड जिले में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार से हुई बारिश के कारण मध्य गुजरात के छोटाउदेपुर जिले के बोदेली तालुका और दक्षिण गुजरात के सूरत जिले के बारदोली तालुका के विभिन्न इलाकों में जलभराव हो गया। इसके साथ ही वडोदरा के कर्जन तालुका के निचले इलाके जलमग्न हो गए। महुवा के बाद नवसारी जिले के नवसारी तालुका में 271 मिमी बारिश हुई। वहीं, डांग जिले के सुबीर में 196 मिमी, सूरत के बारदोली में 201 मिमी, नवसारी के जलालपोर में 186 मिमी, वलसाड के कपराडा में 182 मिमी, तापी जिले के सोनगढ़ में 179 मिमी, वलसाड के उमरगाम में 167 मिमी, छोटाउदेपुर के पावी-जेतपुर में 175 मिमी तथा छोटाउदेपुर के बोडेली में 146 मिमी और पंचमहाल के जम्बुघोड़ा में 107 मिमी बारिश हुई। अधिकारियों ने आईएमडी द्वारा आज जारी पूर्वानुमान के हवाले से बताया कि गुजरात के कुछ हिस्सों में शनिवार और रविवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
राजस्थान के कोटा में दो भाइयों के नदी में डूबने की आशंका
कोटा जिले में ताकली नदी में दो भाइयों के डूबने की आशंका है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने दोनों की तलाश शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि तलाश जारी है। चेचट थाना प्रभारी बन्नालाल ने बताया कि धानी गांव के निवासी 35 वर्षीय महावीर कावत और 25 वर्षीय भरत कावत कथित तौर पर मछली पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे गांव के पास नदी में गए थे। जब वे अपने गांव के कुछ अन्य लोगों के साथ मछली पकड़ रहे थे, तभी नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और दोनों बह गए। थाना प्रभारी ने बताया कि उनके साथ मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण वह बचाने में कामयाब नहीं हो सके। एसडीआरएफ की टीम ने नदी में करीब दो किलोमीटर तक खोजबीन की, लेकिन उनका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है।
कोल्हापुर के खाके गांव में एक पेड़ पर 12 घंटे फंसा रहा युवक
बजरंग नाम का शख्स बीती रात पुल पर से बह रही वारना नदी को देखने आया था लेकिन पुल पर पानी का बहाव काफी तेज था जिसमें युवक का संतुलन बिगड़ा और वो नदी में जा गिरा। किसी तरह उसने एक पेड़ का सहारा लिया और उसपर चढ़कर उसने पूरी रात बिताई। सुबह आस पास के लोगों ने उसे देखकर डिजास्टर मैनेजमेंट को जानकारी दी जिसके बाद एजेंसी ने उसे बचाया।
मुंबई में भारी बारिश के आसार, सात झीलें 68 फीसदी तक भरीं
मुंबई और उसके उपनगरों को पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद शुक्रवार को कुछ राहत मिली। हालांकि शहर में दोपहर तक रूक रूक कर मध्यम से भारी बारिश हुई।अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शहर में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली वाली सात झीलों में पानी का स्तर बढ़ गया। शुक्रवार की सुबह इन झीलों में कुल क्षमता का 68 फीसदी तक पानी भर चुका है और चार झील पूरे उफान पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि बारिश की तीव्रता कम होने की वजह से महानगर में कहीं भी अधिक जलभराव होने की खबर नहीं है। कुछ वाहन चालकों ने पूर्वी और पश्चिमी एक्सप्रेसवे पर यातायात धीमी गति से चलने की शिकायत की है, लेकिन चेंबूर को दक्षिण मुंबई को जोड़ने वाले ईस्टर्न ‘फ्रीवे’ पर कोई समस्या नहीं देखी गई। शहर की यातायात पुलिस ने बताया कि सुबह नवी मुंबई के उरण फाटा में रसायन ले जा रहे एक टैंकर के पलट जाने के बाद सायन-पनवेल राजमार्ग पर यातायात जाम हो गया। एक स्थानीय निकाय अधिकारी ने बताया कि सुबह बारिश की तीव्रता कम थी और कहीं से भी जलजमाव की सूचना नहीं है। शहर के अधिकतर हिस्सों में आज हल्की बारिश हुई, और बीच-बीच में मध्यम तथा भारी बारिश भी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी कर शहर और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
मौसम विभाग ने शनिवार तक हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शनिवार तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। यहां स्थित मौसम कार्यालय ने बताया कि भारी बारिश के कारण भूस्खलन तथा बाढ़ आने की आशंका है और नदियों तथा नालों में पानी का प्रवाह भी बढ़ सकता है। शिमला और किन्नौर जिले को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच को शुक्रवार को खनेरी में भूस्खलन के कारण फिर से बंद कर दिया गया। हिमाचल प्रदेश में 466 सड़कें अभी भी वाहनों के आवागमन के लिए बंद हैं जबकि 552 ट्रांसफार्मर और 204 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। हिमाचल के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हुई जिसमें भोरंज में 127 मिलीमीटर (मिमी), कटौला में 118 मिमी, धर्मशाला में 76 मिमी, रामपुर में 49 मिमी, मंडी में 63 मिमी, नैना देवी और सुंदरनगर में 42 मिमी और कांगड़ा में 36 मिमी बारिश हुई। राज्य में 24 जून को मानसून आने के बाद से अभी तक बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 33 लोग लापता हैं।
पालघर के जव्हार कस्बे में 336.33 मिमी बारिश
महाराष्ट्र के पालघर के जव्हार और आसपास के पहाड़ी इलाकों में पिछले 24 घंटों में 336.33 मिमी बारिश हुई। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। आईएमडी के अनुसार निकटवर्ती मोखाडा शहर में भी 234.75 मिमी बारिश हुई, इसके बाद दहानू में 224.80 मिमी, विक्रमगढ़ में 221.0 मिमी, वसई में 138.0 मिमी, वाडा में 129.25 मिमी और पालघर में 116.3 मिमी बारिश हुई। औसत वर्षा 185.1 मिमी दर्ज की गई और जनजातीय जिले में कुल वर्षा 1480.9 मिमी दर्ज की गई। भारी आबादी वाला विरार-नालासोपारा-वसई क्षेत्र जलभराव के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। कुछ क्षेत्रों में चार फीट तक और कई निचले इलाकोंं में पानी भूतल के घरों में घुस गया। किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए, महावितरण बिजली वितरक ने कई फीडर खंभे और वितरण बक्से बंद कर दिए थे, इसके कारण विजय पार्क, अचोले, ज़लावाद, नाला सोपारा, तुलिंक, तिवारी नगर और साईंबाजार में 800 से अधिक उपभोक्ता बिजली के बिना रहे।
बाढ़ का कहर : हैदराबाद-विजयवाड़ा हाईवे पर भरा पानी
हैदराबाद और विजयवाड़ा के बीच हाईवे पर बाढ़ आने के कारण शुक्रवार को वाहनों का आवागमन रुक गया। बाढ़ के कारण एनटीआर जिले में नंदीगामा के पास इटावराम में मुन्नेरु नदी का पानी नेशनल हाईवे 65 पर आ गया। हैदराबाद से विजयवाड़ा की ओर जाने वाले वाहनों को तेलंगाना के कोडाद की ओर डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक हुजूरनगर और मिर्यालगुडा से चलाया जा रहा है। डायवर्जन के कारण कोडाद-हुजूरनगर रोड पर पांच किलोमीटर की दूरी तक भारी ट्रैफिक जाम लग गया है। खम्मम जिले में मुन्नेरु नदी गुरुवार से उफान पर है और नीचे की ओर भारी प्रवाह के कारण एनटीआर जिले में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग जलमग्न हो गया। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के कीसरा टोलगेट पर भी हाईवे पर पानी भर गया। इस स्थिति को देखते हुए तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर हैदराबाद-विजयवाड़ा के बीच अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। टीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक वी सी सज्जनर ने कहा कि बसों को मिरयालगुडा, पिदुगुरल्ला और गुंटूर के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है। इस रूट पर हर 30 मिनट के अंतराल पर बसें संचालित की जा रही हैं।
मुंबई: मोदक सागर झील उफान पर, शहर के सात जलाशय 68 फीसदी तक भरे
मुंबई और उसके उपनगरों को पेयजल आपूर्ति करने वाले सात जलाशयों में से एक मोदक सागर झील जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण उफान पर है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी जिले ठाणे में वैतरणा नदी पर बनी मोदक सागर झील पूरी तरह भर गई और उसका पानी गुरुवार रात 10 बजकर 52 मिनट पर बाहर आने लगा है। लगातार बारिश होने की वजह से विहार, तानसा और तुलसी के बाद इस मानसून सीजन में उफान पर आने वाली यह चौथी झील है। ठाणे जिला सूचना अधिकारी मनोज सनप ने बताया झील के उफान पर आने के बाद बांध के दो द्वार खोलकर छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित तुलसी झील इस साल सबसे पहले 20 जुलाई को उफान पर आ गई थी। मुंबई, ठाणे और नासिक जिले में स्थित सात जलाशयों भाटसा, ऊपरी वैतरणा, मध्य वैतरणा, तानसा, मोदक सागर, विहार और तुलसी से मुंबई को पेयजल की आपूर्ति की जाती है।स्थानीय निकाय प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार को सुबह ये जलाशय अपनी क्षमता के 68 फीसदी तक भर चुके हैं।
ठाणे के भिवंडी में जलभराव
तेलंगाना में एनडीआरएफ तैनात
तेलंगाना में भी हालात खराब हैं। यहां लगातार बारिश से भारी मुश्किलें पैदा हो गई हैं। कई लोग बाढ़ में फंसे हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के कोंडई गांव में बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। एनडीआरएफ की टीमें जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से जंपन्ना वागु नदी के उफनते पानी में डूबे गांव के लोगों को बचाने की कोशिश में जुटी हैं। ग्रामीणों ने मदद के इंतजार में घरों की छतों पर रात बिताई। बताया जा रहा है कि करीब 60-70 लोग बिना भोजन और पानी के फंसे हुए हैं।ग्रामीणों को बचाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जनजातीय कल्याण मंत्री सत्यवती राठौड़ ने भी बचाव अभियान के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों की मांग की है। वह बचाव कार्य की निगरानी कर रही थीं। गुरुवार को जंपन्ना वागु के उफान में कम से कम आठ लोग बह गए। इनमें से पांच लोगों के शव शुक्रवार को बरमाद किए गए। बुधवार रात को हुई भारी बारिश के कारण मुलुगु जिले में अचानक बाढ़ आ गई। एतुर्नागाराम, मंगापेट और एसएस तडवई मंडलों के कम से कम 30 गांव और बस्तियां पानी जमा हो गया।
दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश
दिल्ली के कुछ इलाकों में शुक्रवार सुबह हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई, जबकि न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने बताया कि सिविल लाइंस, लक्ष्मी नगर और लाजपत नगर इलाके में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि जसोला तथा ओखला सहित कई क्षेत्रों में आसमान में बादल छाए रहे। विभाग के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 85 फीसदी दर्ज की गई। आईएमडी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
हिमाचल में पहाड़ दरके, नदी-नाले उफान पर
येलो अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में बारिश कहर बनकर टूट रही है पहाड़ दरक रहे हैं, वही नदी-नाले पूरे उफान पर है लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। हालात ये बने हुए हैं कि कई जगहा पहाड़ दरकने से सड़कें और रास्ते बंद हो गए हैं जिसकी वजह से आवाजाही ठप हो गई है। शिमला के पड़ौथा में पहाड़ दरकने के बाद बड़े-बड़े पत्थर, पेड़ और मलबा सड़क पर आ गिरे हैं जिसकी वजह से हाईवे की एक तरफ की आवाजाही ठप हो गई है और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश में आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है मौसम विभाग ने हिमाचल के शिमला, सिरमौर, कुल्लू, मंडी और चंबा में बाढ़ का अलर्ट जारी कर रखा है वही अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।