हमारे सामने AI के कई आकर्षक पहलू, लेकिन इसके नैतिक इस्तेमाल को लेकर मौलिक प्रश्न, बोले CJI

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 25, 2023, 04:04 PM IST

उन्होंने इस बारे में भी बात की कि कैसे डिजिटल युग में हम कृत्रिम मेधा से जुड़े कई आकर्षक पहलुओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने क्या-क्या कहा जानिए।

CJI on AI: प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान और सरकार द्वारा इसे दी गई मान्यता उसे मिलने वाले संसाधनों और शिकायतें करने व अपने अधिकारों की मांग करने की उसकी क्षमताओं में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने साथ ही कहा कि कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence) के युग में हमारे सामने इन प्रौद्योगिकियों के नैतिक इस्तेमाल को लेकर मौलिक प्रश्न हैं। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने 36वें ‘द लॉ एसोसिएशन फॉर एशिया एंड द पैसिफिक’ (LWASIA) एलएडब्ल्यूएएसआईए) सम्मेलन के पूर्ण सत्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए पहचान, व्यक्ति और सरकार - स्वतंत्रता के नए रास्ते’’ विषय पर कार्यक्रम में अपनी बात रखी।

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सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ (फाइल फोटो)

पहचान और स्वतंत्रता के बीच का संबंध

LWASIA वकीलों, न्यायाधीशों, न्यायविदों और कानूनी संगठनों का एक क्षेत्रीय संघ है, जो एशिया प्रशांत कानूनी प्रगति के हितों और चिंताओं की वकालत करता है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आजादी खुद के लिए निर्णय लेने और अपने जीवन की दिशा बदलने की क्षमता देती है। उन्होंने कहा कि जबकि सरकार और स्वतंत्रता के बीच संबंध को व्यापक रूप से समझा गया है, लेकिन पहचान और स्वतंत्रता के बीच संबंध स्थापित करने और समझाने का कार्य अभी अधूरा है।

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