पूर्व भारतीय पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खेल संघों में पारदर्शिता और खिलाड़ियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए विनेश ने प्रधानमंत्री की खेल आयोजनों में मौजूदगी पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विनेश फोगाट का आरोप- खेल संघों में बैठे हैं गुंडे और ठग
विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद तीखा संदेश पोस्ट करते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री जी ऐसे किसी कार्यक्रम में कैसे भाग लेंगे, जहां उन महासंघों में आपकी पार्टी के गुंडे, ठग और महिलाओं का शोषण करने वाले लोग बैठे हैं?" उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए आगे कहा कि सत्तारूढ़ दल ऐसे तत्वों को पूरा समर्थन देता है और उन्हें मनमानी करने की पूरी छूट देता है। अपने तंज में विनेश ने अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत के बयानों का जिक्र करते हुए लिखा कि शायद इसी तरह की 'आजादी' की बात की जाती है।
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पीएम मोदी ने 'खेलो इंडिया डायलॉग' को किया था संबोधित
विनेश फोगाट का यह कड़ा रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संबोधन के तुरंत बाद सामने आया, जो उन्होंने 'खेलो इंडिया डायलॉग' के दौरान एथलीटों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया था। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया था कि भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल विधाओं में अपनी उपस्थिति बढ़ानी चाहिए। पीएम मोदी ने सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे नए क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की वकालत की थी।
भारत करेगा 2030 के राष्ट्रमंडल 2036 के ओलंपिक की मेजबानी
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने याद दिलाया था कि वर्ष 2012 के ओलंपिक में भारत ने बेहद सीमित स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था, जबकि देश की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर कई नए खेलों को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने भारत में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक की मेजबानी की तैयारियों का जिक्र करते हुए गांव-गांव से 5 से 15 वर्ष की प्रतिभाओं को तलाशने की योजना साझा की थी। हालांकि, पीएम मोदी की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के बीच विनेश फोगाट के आरोपों ने खेल परिसंघों के भीतर की राजनीति को लेकर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।
