Chandrayaan 3: जब चंद्रमा पर होगा सूर्योदय, क्या Vikram और Pragyan जागेंगे?

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 18, 2023, 11:37 AM IST

ISRO वैज्ञानिक वीरमुथुवेल ने कहा कि मिशन का उद्देश्य पहले ही पूरा हो चुका है। मिशन के एक चंद्र दिवस तक चलने की उम्मीद थी और वह पूरा हो गया है।

Chandrayaan-3: सफल चंद्रयान-3 मिशन के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या सूर्योदय के बाद दोबारा चंद्रयान काम करेगा। लेकिन इसरो वैज्ञानिक ने कहा है कि चंद्रमा पर सूर्य उगने के बाद चंद्रयान 3 के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के दोबारा जागने की बहुत कम संभावना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चंद्रयान-3 मिशन के परियोजना निदेशक पलानीवेल वीरमुथुवेल ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि चांद रात के दौरान वातावरण बहुत सख्त होता है और तापमान 175 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। उन्होंने कहा कि इस बात की बहुत कम संभावना है कि लैंडर और रोवर पर मौजूद उपकरण ऐसे तापमान में टिक पाएंगे।

Pragyan And Vikram

क्या प्रज्ञान और विक्रम जागेंगे? (ISRO)

मिशन सफलता के साथ हुआ पूरा

भोपाल में एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान वीरमुथुवेल ने कहा कि मिशन का उद्देश्य पहले ही पूरा हो चुका है। मिशन के एक चंद्र दिवस तक चलने की उम्मीद थी और वह पूरा हो गया है। फिर भी हमें उम्मीद है कि जैसे ही सूर्य की किरणें चंद्रमा की सतह को फिर से रोशन करेंगी, लैंडर और रोवर जाग जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या चंद्रयान-3 मिशन से आम आदमी को कुछ बड़ फायदा होगा, वीरमुथुवेल ने कहा कि इसका कोई प्रत्यक्ष और तत्काल लाभ नहीं है, लेकिन यह अंतरिक्ष की खोज करने और यह जानने की दिशा में एक कदम है कि हमारा सौर मंडल कैसे बना।

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