Uttarkashi Tunnel Rescue Operation: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढहने के बाद वहां 41 श्रमिक अभी भी (खबर लिखे जाने तक) फंसे हैं। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के आठवें दिन बाद रविवार (19 नवंबर, 2023) को अंदर फंसे मजदूरों कों को बाहर निकालने की कवायद में थोड़ी तेजी देखने को मिली। वहां सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) सुरंग के ऊपर से 'लंबवत ड्रिलिंग' शुरू करने के लिए रास्ता बनाने में जुटा है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित सिलक्यारा सुरंग में 41 श्रमिक फंसे हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया, "सात-आठ दिनों से हम पीड़ितों को बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। उन्हें बाहर निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है...हमने यहां काम करने वाले संबंधित अधिकारियों के साथ दो घंटे लंबी बैठक की है। हम छह वैकल्पिक विकल्पों पर काम कर रहे हैं। भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियां भी मौके पर काम कर रही हैं। पीएमओ की ओर से भी इस पर खास नजर रखी जा रही है। सुरंग विशेषज्ञों और बीआरओ अधिकारियों को भी बुलाया गया है। हमारी प्राथमिकता फंसे हुए पीड़ितों को भोजन, दवा और ऑक्सीजन उपलब्ध कराना है।"
इस बीच, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय में सचिव अनुराग जैन ने रविवार को दिल्ली में समाचार एजेंसी एएनआई से कहा- टनल में बिजली और पानी है। वहां दो किमी का स्पेस भी है। पहले दिन से हम वहां पर चार इंच की दीवार के जरिए खाना पहुंचा रहे हैं। वहां सूर्य की किरण भी नहीं पहुंच रही, मगर हम वहां डॉक्टर्स की ओर से सुझाई गई विटामिन बी और सी समेत और दवाएं भिजवा रहे हैं। वे लोग (41 श्रमिक) लंबे समय से सुरंग के भीतर काम कर रहे थे। ऐसे में उनमें किसी प्रकार की निराशा नहीं है और वे बाहर आने की आस लगाए हैं। हालांकि, इसमें थोड़ा समय लगेगा, पर वे लोग बाहर जरूर निकाले जाएंगे।
उधर, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रेस्क्यू का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। पीएमओ के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को सकुशल निकालने के प्रयास में जुटी है। सुरंग में फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए देश और दुनिया में ईजाद की गई आधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है। उम्मीद हैं कि जल्द इसमें सफलता मिल जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के रेस्क्यू पर पल पल अपडेट ले रहे हैं।
दरअसल, 12 नवंबर 2023 को दीवाली वाले दिन की सुबह सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था और तब से 41 श्रमिक उसके अंदर फंसे हैं। श्रमिकों को निकालने के लिए सुरंग के मलबे को भेदकर स्टील की कई पाइप डालकर 'निकलने का रास्ता' बनाने की योजना में तकनीकी अड़चन आ जाने से शुक्रवार दोपहर बाद से ही अमेरिकी ऑगर मशीन से की जा रही ड्रिलिंग का काम ठप है।
