Rahul in Lok Sabha: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज फिर चीन का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब का भी जिक्र किया। राहुल के इस बयान पर सदन में आज भी हंगामा मचा। इस दौरान स्पीकर को यार करने पर हंगामा मचा और स्पीकर ने ऐसा न कहने की हिदायत दी। स्पीकर ने कहा कि सदन में स्पीकर के लिए यार शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
संसद में राहुल के भाषण पर फिर हंगामा (Sansad TV)
राहुल के बयान पर जोरदार हंगामा
सोमवार 2 फरवरी की तरह ही आज भी राहुल के इन बयानों पर जमकर शोर शराबा हुआ। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा का मुद्दा उठाया है, आखिर उन्हें बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा है। राहुल ने शोर शराबे के बीच ही बोलने की कोशिश की लेकिन हंगामा मचता रहा, जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।
मुझे क्यों रोका जा रहा है?
लोकसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। पाकिस्तान, चीन और हमारे बीच के संबंध। इस लेख में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है जिसकी मैंने पुष्टि की है। इसमें प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का जिक्र है... हमारे राष्ट्रपति का भाषण भारत के वर्तमान भविष्य के मार्ग के बारे में था। विश्व मंच पर, अंतरराष्ट्रीय मामलों का मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच का संघर्ष है। यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का केंद्रबिंदु है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो कुछ हुआ और उस पर हमारे प्रधानमंत्री की क्या प्रतिक्रिया थी, उस पर बोलने दीजिए। मुझे क्यों रोका जा रहा है? वहीं भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी के इस मुद्दे पर बोलने पर आपत्ति जताई।
राहुल का पीएम मोदी पर निशाना
वहीं संसद के बाहर संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल ने कहा कि सरकार मुझे बोलने नहीं दे रही है। हमें यह समझने की जरूरत है कि चार महीने से अटका व्यापार समझौता कल शाम अचानक अंतिम रूप क्यों दिया गया, प्रधानमंत्री मोदी पर भारी दबाव है। इतिहास में पहली बार, विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई। भारतीय किसानों को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के जरिए उनकी मेहनत को 'बेच' दिया है।
किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर जुबानी हमला
वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जुबानी हमला किया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब से जुड़े एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला देते हुए लद्दाख गतिरोध का मुद्दा उठाकर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया। इससे पहले सोमवार को स्पीकर ओम बिरला ने एक रूलिंग जारी करते हुए कहा था कि पार्लियामेंट्री नियमों का हवाला देते हुए कोई भी न्यूज आर्टिकल या मैगजीन को कोट नहीं कर सकता। सदन में सिर्फ 'असली सोर्स' ही कोट किए जा सकते हैं।
रिजिजु बोले, राहुल गांधी की वजह से दिन भर की पूरी बहस खराब हो गई
एनडीए पार्लियामेंट्री पार्टी की मीटिंग के बाद रिजिजू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, कल राज्यसभा में बहुत अच्छी बहस और चर्चा हुई। लोकसभा में भी चर्चा बहुत अच्छे माहौल में शुरू हुई। हालांकि, राहुल गांधी की वजह से दिन भर की पूरी बहस खराब हो गई। उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा में एक शानदार बहस हुई, जिसमें सांसदों ने एक्टिवली हिस्सा लिया और कई जरूरी सुझाव सामने आए। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा अच्छी शुरू हुई थी, लेकिन राहुल गांधी की वजह से सब कुछ रुक गया।
बता दें कि राहुल गांधी को ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने बार-बार टोका, जिन्होंने उनसे अपने दावों को सपोर्ट करने के लिए असली सोर्स पेश करने की अपील की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी विपक्ष के नेता के भाषण में दखल दिया और बयानों की सच्चाई पर सवाल उठाए।
इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ, लेकिन गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा के मकसद से लद्दाख गतिरोध का मुद्दा उठाने पर अड़े रहे। उनके इस व्यवहार की आलोचना करते हुए रिजिजू ने कहा, प्रक्रिया के तौर पर, सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। हम सभी चुने हुए सदस्य हैं और सदन कामकाज के नियमों और तय व्यवहार के अनुसार चलता है। इसलिए, किसी को भी इसका अनादर नहीं करना चाहिए और सभी को इसका पालन करना चाहिए।
