उत्तर प्रदेश में पोस्टर पॉलिटिक्स तब तेज हो गई, जब कानपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से एक रोचक पोस्टर लगाया गया। सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम के शहर आगमन से पहले वहां के विभिन्न हिस्सों में इसे लगाया गया है और इसमें वह अपने नाम के बजाय चाचा शिवपाल सिंह यादव के दिए नए नाम छोटे नेता जी के नाम से दिखाए और संबोधित किए गए। पोस्टर में उनकी बड़ी सी तस्वीर के नीचे संघर्षवादी छोटे नेता जी लिखा गया है।
आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक अमिताभ वाजपेयी की ओर से लगवाए गए इस पोस्टर में अखिलेश के अलावा मुलायम सिंह यादव, जनेश्वर मिश्रा, शिवपाल सिंह यादव और आजम खान के छोटे फोटो सबसे ऊपर नजर आए, जबकि नीचे दूसरे छोर पर विधायक वाजपेयी की तस्वीर थी। यही नहीं, इस पोस्टर के बीच में इरफान सोलंकी का फोटो था, जिनके सिर पर लाल टोपी, गले में फूलों की माला और हाथों में बेड़ियां नजर आ रही थीं। साथ ही लिखा था कि इरफान तुम मत घबराना, तुम्हारे साथ है सारा जमाना।
उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर में ऐसे पोस्टर कई जगह लगे नजर आए।
हालांकि, इस पोस्टर में सबसे बड़ी तस्वीर अखिलेश की ही थी। फिर चाहे ही वह उम्र और अनुभव के मामले में शिवपाल और आजम से कितने ही छोटे क्यों न हों। दिवंगत मुलायम और जनेश्वर के फोटो ऊपर जरूर थे, मगर वे भी उसी साइज के थे, जितने कि शिवपाल और आजम के थे। दरअसल, 20 दिसंबर, 2022 को अखिलेश का कानपुर में दौरा है, जहां वह सोलंकी से भेंट करेंगे। ऐसे में उनके स्वागत के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में ये पोस्टर लगाए गए हैं।
बहरहाल, शहर के सर्द मौसम के बीच इस पोस्टर के लगने के बाद चर्चाओं का बाजार फिलहाल गर्म है। हर तरफ यही बात हो रही है कि चाचा का दिया नाम तो सुपर-डुपर हिट हो निकला और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उसकी स्वीकार्यता इसी से समझी जा सकती है कि उन्हें इस प्रचार के माध्यम में असल पहचान के बजाय चाचा के दिए नाम से दिखाया और बताया गया है। समझा जा सकता है कि शिवपाल का रखा यह नाम पार्टी में कितना पसंद किया जा रहा है।
