UN रिपोर्ट में चेतावनी: 2025 तक भारत में भूजल की हो सकती है भारी कमी, भरपाई होगी मुश्किल

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Oct 26, 2023, 11:00 AM IST

सऊदी अरब जैसे कुछ देश पहले ही भूजल जोखिम स्तर को पार कर चुके हैं, जबकि भारत समेत अन्य देश इससे ज्यादा दूर नहीं हैं।

UN Report on Groundwater Level: संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट ने साल 2025 तक भारत में भूजल की भारी कमी को लेकर आगाह किया है। यूएन रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सिंधु-गंगा बेसिन के कुछ क्षेत्र पहले ही भूजल की कमी के चरम बिंदु को पार कर चुके हैं और पूरे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में 2025 तक भूजल की भारी कमी होने का अनुमान है। "इंटरकनेक्टेड डिजास्टर रिस्क रिपोर्ट 2023" शीर्षक और संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय - पर्यावरण और मानव सुरक्षा संस्थान (UNU-EHS) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि दुनिया छह पर्यावरणीय महत्वपूर्ण बिंदुओं के करीब पहुंच रही है: तेजी से विलुप्त होने, भूजल की कमी, पहाड़ी ग्लेशियर का पिघलना, अंतरिक्ष मलबा, असहनीय गर्मी और असुरक्षित भविष्य।

Water Crisis

यूएन रिपोर्ट में चेतावनी

70 प्रतिशत भूजल का इस्तेमाल कृषि में

लगभग 70 प्रतिशत भूजल निकासी का उपयोग कृषि के लिए किया जाता है, ये अक्सर तब होता है जब भूमिगत जल स्रोत अपर्याप्त होते हैं। जलभृत (Aquifers) सूखे के कारण होने वाले कृषि घाटे को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं, जलवायु परिवर्तन के कारण यह चुनौती और भी बदतर होने की आशंका है।

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