Aimplb on Uttarakhand UCC Bill: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आज उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) पर विधेयक पेश किया। सत्र के दूसरे दिन आज यह विधेयक पेश किया गया। इसे लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। AIMPLB ने कहा कि समाज में हर जगह एकरूपता नहीं लाई जा सकती है। हम इसके मसौदे का अध्ययन कर रहे हैं, उसके बाद आगे की कार्यवाही पर फैसला होगा।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली
AIMPLB ने कहा, कानून टीम करेगी अध्ययन
उत्तराखंड विधानसभा में पेश किए गए यूसीसी बिल पर AIMPLB के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि जहां तक यूसीसी का सवाल है, हमारी राय है कि हर कानून में एकरूपता नहीं लाई जा सकती है। यदि आप किसी समुदाय को इस यूसीसी से छूट देते हैं, तो इसे एक समान संहिता कैसे कहा जा सकता है? ऐसे किसी समान नागरिक संहिता की कोई आवश्यकता नहीं थी। मसौदा विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद हमारी कानूनी टीम इसका अध्ययन करेगी और फिर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
लगे जय श्रीराम के नारे
बता दें कि विधेयक पेश करने के लिए उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को शुरू हुआ था। आज सीएम धामी ने जब इसे पेश किया तो इस दौरान विधायकों ने जय श्रीराम और वंदे मातरम के नारे भी लगाए। वहीं,विशेष सत्र को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की है और पूरे प्रदेश में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। सत्र की शुरूआत से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी सभी वर्गों के लिए अच्छा होगा और इसके लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों से सदन में सकारात्मक तरीके से विधेयक पर चर्चा करने का अनुरोध भी किया।
