देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही दो महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर छेड़छाड़ और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस खबर के आग की तरह फैलते ही मीडिया जगत में भारी आक्रोश देखने को मिला और सैकड़ों की संख्या में पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने का घेराव कर दिया।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर पत्रकारों का बड़ा प्रदर्शन
पीड़ित महिला पत्रकार एक स्वतंत्र मीडिया संस्थान से जुड़ी हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में पीड़ित पत्रकार ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि शनिवार को जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की कार्यकर्ता नेहा बोरा को पुलिस जब हिरासत में लेकर बस में चढ़ा रही थी, तब वह उस घटना की कवरेज कर रही थीं। पत्रकार का आरोप है कि उसी दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारी विवेक भगत ने उनके साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की और फिर उन्हें धक्का देकर हटा दिया।
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मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और अन्य संगठनों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी की सदस्य रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि जब पीड़ित महिला शिकायत दर्ज कराने पहुंचीं, तो दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ DCP अधिकारी ने उनसे मामले को आगे न बढ़ाने और तूल न देने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चल रहे प्रदर्शन में ही जब पुलिस अधिकारी ऐसा व्यवहार करेंगे, तो आम महिलाएं कहां जाएंगी।
घटना के बाद गुस्साए सैकड़ों पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जमा होकर दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी अधिकारी पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की। थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत दर्ज कर ली गई है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
