Sextortion Call: केंद्रीय जल शक्ति और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल को कथित तौर पर सेक्सटॉर्शन कॉल के जरिए फंसाने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में राजस्थान के भरतपुर से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि घटना की सूचना पटेल के निजी सचिव आलोक मोहन ने जून के आखिरी सप्ताह में दी थी। ये गिरफ्तारियां जुलाई के पहले हफ्ते में की गई थीं।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने के बाद हमने दो लोगों मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहब को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने कहा कि मास्टरमाइंड मोहम्मद साबिर अभी भी फरार है और उसे पकड़ने के लिए तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक संगठित सेक्सटॉर्शन रैकेट का हिस्सा पाए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सेक्सटॉर्शन कॉल में आमतौर पर अश्लील फोन/वीडियो कॉल की सार्वजनिक रिकॉर्डिंग करने की धमकी के साथ ब्लैकमेल करना शामिल होता है।
द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पटेल ने बताया कि उन्हें उनके मोबाइल नंबर पर कॉल आया था। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद मैंने अपने कार्यालय के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई।' उन्होंने कहा कि जब वह मध्य प्रदेश में अपने गांव का दौरा कर रहे थे तो उन्हें फोन आया था। उन्होंने कहा कि मेरे फोन पर सिर्फ एक नंबर पर कॉल आया था। मैंने दिल्ली पुलिस के साथ सभी प्रासंगिक जानकारी साझा की है। कुछ दिन पहले मैंने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई और मुझे बताया गया कि उन्होंने नंबरों का पता लगा लिया है।
अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया
एक अधिकारी ने कहा कि शिकायत के अनुसार, पटेल को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने एक अश्लील क्लिप चला दी। पटेल ने तुरंत लाइन काट दी। इसके बाद उन्हें एक कॉल आई जिसमें कॉल करने वाले ने उनकी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जारी करने की धमकी दी। इसके बाद पटेल ने अपने कानूनी सलाहकार के साथ मामले पर चर्चा की और दिल्ली पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया। पटेल की ओर से उनके पीएस आलोक मोहन ने दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा से संपर्क किया और अपराध शाखा में शिकायत दर्ज की। अधिकारी ने कहा कि आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 419 (प्रतिरूपण) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने अपनी जांच शुरू की।
पुलिस ने फोन नंबरों का पता लगाया
पुलिस ने उन दो फोन नंबरों का पता लगाया, जिनसे राज्य मंत्री को भरतपुर निवासी मोहम्मद साबिर और असम के एक पते पर कॉल आई थी। एक अधिकारी ने कहा कि जांच टीम को पता चला कि एक सिम का इस्तेमाल 36 इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (आईएमईआई) नंबरों में किया गया था, जबकि दूसरे का इस्तेमाल 18 आईएमईआई नंबरों में किया गया था। स्थानीय पुलिस मुखबिरों की मदद से जाल बिछाया गया और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एक सेलफोन बरामद किया जिससे वीडियो कॉल किया गया था और इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया।
