ट्विशा शर्मा केस : पुलिस की लापरवाही फिर सामने आई, आत्महत्या में इस्तेमाल बेल्ट दिल्ली AIIMS टीम को नहीं दिखाई

ट्विशा (33) का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं ट्विशा के ससुराल वालों ने दावा किया कि उसे मादक पदार्थों की लत थी।

Twisha Sharma case : ट्विशा शर्मा केस में पुलिस की लापरवाही एक बार फिर से सामने आईं है। जानकारी के मुताबिक दोबारा पोस्टमार्टम करने आई दिल्ली एम्स की टीम को भी आत्महत्या के लिए इस्तेमाल हुई बेल्ट नहीं दिखाई गई। पुलिस ने एम्स की टीम को कहा कि बेल्ट फॉरेंसिक टीम के पास है। अब पुलिस ने एफएसएल टीम को चिट्ठी लिखी है। सोमवार को पुलिस ने घटना के 13 दिन बाद स्पॉट वेरिफिकेशन किया और टीम 2 घंटे घर पर रही। जांच के लिए मोबाइल लैपटॉप और अन्य सबूतों को जांच में शामिल किया। इस केस में पुलिस की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है।

twisha sharma

भोपाल में गत 12 मई को हुई ट्विशा की मौत।

सोमवार को CBI ने प्राथमिकी दर्ज की

वहीं, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ट्विशा की मौत के मामले में सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई ने उसके पति और सास के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले दिन में, एजेंसी ने जांच का जिम्मा संभालने और आवश्यक दस्तावेज एवं सबूत जुटाने के लिए भोपाल में एक विशेष अपराध इकाई भेजी। मुलाकात के बाद, सीबीआई ने प्रक्रिया के अनुसार, राज्य पुलिस की प्राथमिकी को पुनः दर्ज किया, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया था।

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