मणिपुर के उखरुल में जनजातीय झड़प, निषेधाज्ञा लागू; नए सीएम के सामने कानून व्यवस्था बड़ी चुनौती

मणिपुर के उखरुल जिले के लिटन गांव में तांगखुल और कुकी समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें पत्थरबाजी और फायरिंग की सूचना है। हालात काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने बीएनएसएस, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

मणिपुर के उखरुल जिले में रविवार शाम दो जनजातीय समूहों के बीच जोरदार पत्थरबाजी हुई, जिसके कारण प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के लिटन गांव में झड़प करने वाले समूहों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। क्षेत्र में कई गोलियां भी चलाये जाने की जानकारी मिली है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।

मणिपुर में दो जनजातिय समूहों के बीच झड़प।

मणिपुर में दो जनजातिय समूहों के बीच झड़प। (फोटो- AI)

उखरुल जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किया निषेधाज्ञा आदेश

उखरुल जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि लिटन गांव में तांगखुल और कुकी समुदाय के सदस्यों के बीच शांति और सार्वजनिक सुव्यवस्था भंग होने की आशंका है। आदेश में कहा गया कि ऐसी घटनाओं से शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था के खतरे में पड़ने के साथ-साथ मानव जीवन और संपत्ति के लिए जोखिम उत्पन्न हो सकता हैं। वर्तमान परिस्थितियां तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता दर्शाती हैं। ऐसे में मैं, आशिष दास, जिला मजिस्ट्रेट, उखरुल, बीएनएसएस, 2023 की धारा 163 की उप-धारा 1 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश देता हूं कि 8 फरवरी 2026 को शाम 7 बजे से अगला आदेश जारी होने तक अनुसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति का अपने निवास स्थान से बाहर निकलना और कोई भी अन्य कार्य या गतिविधि जो कानून-व्यवस्था को बाधित कर सकती है, पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि यह प्रावधान सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा बलों पर लागू नहीं होगा।

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