Asad Encounter : मुठभेड़ में मारे गए अतीक अहमद के बेटे असद को प्रयागराज में उसके पुरखों के साथ दफनाया जाएगा। शव को दफनाने के लिए कसारी-मसारी में कब्र खोदने का काम लगभग पूरा हो गया है। इसी कब्रिस्तान में अतीक अहमद के पिता फिरोज और उसकी माता की भी कब्र है। असद के लिए जिस जगह पर कब्र खोदी गई है उसके ठीक आगे अतीक के पिता फिरोज और बगल में माता की कब्र है। कब्र खोदने वाले बताया कि चार-पाच लोग सुबह साढ़े पांच बजे से कब्र खोद रहे हैं। कब्र साढ़े छह फीट लंबी और ढाई फीट चौड़ी खोदी जा रही है। कब्र की गहराई आठ फीट है।
'एनकाउंटर को मजहब का रंग देना गलत'
वहीं, शूटर गुलाम मोहम्मद के परिवार ने उसका शव लेने से इंकार किया है। परिवार ने यूपी एटीएस की कार्रवाई को सही बताया है। परिवार का कहना है कि एनकाउंटर को मजहब का रंग देना गलत है। गुलाम की मां ने कहा कि यूपी एटीएस ने ठीक काम किया है। गुलाम के भाई राहील ने कहा कि वह अपने बीवी और बच्चों के बारे में कभी नहीं सोचा। उन्होंने कहा, 'गलत को गलत कहना चाहिए।'
भाजपा का सदस्य रह चुका है राहील
राहील ने कहा कि उनके भाई ने जो काम किया उससे परिवार का नाम खराब हुआ है। पुश्तैनी कब्रगाह में उसे दफनाया जाएगा फिर भी वे उसके जनाजे में शामिल नहीं होंगे। राहील कुछ समय पहले तक भाजपा की अल्पसंख्यक इकाई से जुड़ा हुआ था, उसने कहा कि हत्याकांड में गुलाम के शामिल होने से उसका परिवार काफी व्यथित है। बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड में गुलाम का नाम आने के बाद राहील को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
