Constitution Amendment Bill: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार करते हुए दो सवाल दाग दिए। उन्होंने पूछा कि अगर किसी पर झूठा केस लगाकर उसे जेल में डाला जाए और बाद में वो दोषमुक्त हो जाए तो उस पर झूठा केस लगाने वाले मंत्री को कितने साल की जेल होनी चाहिए?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (बाएं) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (दाएं) (फोटो साभार: @ArvindKejriwal/@AmitShahOffice)
केजरीवाल ने क्या कुछ कहा?
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''जो व्यक्ति गंभीर गुनाहों के मुज़रिमों को अपनी पार्टी में शामिल करके उनके सारे केस रफ़ा दफ़ा करके उन्हें मंत्री, उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बना देता है, क्या ऐसे मंत्री/प्रधान मंत्री को भी अपना पद छोड़ना चाहिए? ऐसे व्यक्ति को कितने साल की जेल होनी चाहिए? अगर किसी पर झूठा केस लगाकर उसे जेल में डाला जाए और बाद में वो दोषमुक्त हो जाए, तो उस पर झूठा केस लगाने वाले मंत्री को कितने साल की जेल होनी चाहिए?''
अमित शाह पर बरसे केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि पिछले सात महीनों में दिल्ली की भाजपा सरकार ने दिल्ली का ऐसा हाल कर दिया है कि आज दिल्ली वाले उस जेल वाली सरकार को याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत झूठे केस में फंसाकर जब केंद्र ने मुझे जेल भेजा तो मैंने जेल से 160 दिन सरकार चलाई। पिछले सात महीनों में दिल्ली की भाजपा सरकार ने दिल्ली का ऐसा हाल कर दिया है कि आज दिल्ली वाले उस जेल वाली सरकार को याद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कम से कम जेल वाली सरकार के वक्त बिजली नहीं जाती थी, पानी आता था, अस्पतालों और मोहल्ला क्लिनिक में फ्री दवाईयां मिलती थी, फ्री टेस्ट होते थे, एक बारिश में दिल्ली का इतना बुरा हाल नहीं होता था, प्राइवेट स्कूलों को मनमानी और गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं थी।
शाह ने विपक्ष से पूछा सवाल
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में संविधान (130वें संशोधन) विधेयक की आलोचना कर रहे विपक्षी नेताओं पर तीखी टिप्पणी की। साथ ही केजरीवाल को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "मैं पूरे देश और विपक्ष से पूछना चाहता हूं... क्या कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या कोई भी नेता जेल से देश चला सकता है? क्या यह हमारे लोकतंत्र की गरिमा के अनुकूल है?"
उन्होंने कहा कि अगर कोई पांच साल से ज्यादा सजा वाले केस में जेल जाता है और उसे 30 दिन में बेल नहीं मिलती तो उसे पद छोड़ना पड़ेगा, कोई छिटपुट आरोप के लिए पद नहीं छोड़ना पड़ेगा। मगर जिन पर करप्शन के आरोप हैं या पांच साल से ज्यादा सजा के आरोप हैं, ऐसे मंत्री, सीएम या पीएम जेल में बैठकर सरकार चलाएं ये कितना उचित है?
