टाइम्स नेटवर्क ने नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान अपने संवाददाताओं देव कोटक, शेफाली निगम और ज्योति मिश्रा पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। नेटवर्क ने कहा कि ग्राउंड रिपोर्टिंग केवल पत्रकारों का पेशेवर दायित्व नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है और इसमें किसी भी तरह की बाधा डालना न केवल अवैध है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है।
'पत्रकारों को निशाना बनाना लोकतंत्र को कमजोर करना है', रिपोर्टरों पर हमले पर टाइम्स नेटवर्क का बयान
आधिकारिक बयान में कहा गया कि कुछ लोगों द्वारा असहमति जताने के लिए हिंसा का सहारा लेना पूरे देश में पत्रकारों की स्वतंत्र आवाजाही और उनके कामकाज के लिए भय का माहौल पैदा कर सकता है। नेटवर्क ने स्पष्ट किया कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
टाइम्स नेटवर्क ने कहा कि उसके संवाददाता हर दिन अपनी सुरक्षा को जोखिम में डालकर घटनास्थल से हर पक्ष की जानकारी दर्शकों और पाठकों तक पहुंचाते हैं। ऐसे में डराने-धमकाने या हिंसा की घटनाएं उन्हें अपने कर्तव्य से नहीं रोक सकतीं। बयान में कहा गया कि ऐसी घटनाएं निष्पक्ष, संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति नेटवर्क की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगी।
बयान के अनुसार, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP Protest की कवरेज के दौरान संवाददाता देव कोटक निष्पक्ष रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाकर हमला किया गया। इसी तरह शेफाली निगम और ज्योति मिश्रा को भी केवल अपना पेशेवर दायित्व निभाने के कारण शारीरिक हमलों, दुर्व्यवहार और डराने-धमकाने का सामना करना पड़ा।
टाइम्स नेटवर्क ने विशेष रूप से महिला पत्रकारों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अपने पेशेवर दायित्व का निर्वहन कर रही महिला पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। नेटवर्क ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बता दें कि टाइम्स नेटवर्क के पत्रकारों पर हमले की पूरे देश में निंदा की गई है। नेताओं, पत्रकारों से लेकर प्रेस क्लबों तक ने इस हमले की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। मुंबई प्रेस क्लब ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रेस क्लब ने एक आधिकारिक बयान जारी कर टाइम्स नाउ के वरिष्ठ रिपोर्टर देव कोटक समेत अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन कर रहे मीडियाकर्मियों पर हुई हिंसा, मारपीट और बदसलूकी की सख्त लहजे में भर्त्सना की है। हमले की निंदा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने कहा कि बिलकुल वही आशंका जिसे हममें से कई लोग लगातार जताते रहे हैं। ड्यूटी कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। टीवी कमेंटेटर सबा नकवी ने कहा कि 'यह हमला बिल्कुल भी बर्दाश्त करने लायक नहीं है।' सबा ने कहा कि अपना काम कर रहे सभी युवा रिपोर्टरों के साथ वह एकजुटता के साथ खड़ी हैं। देव पर हमले के बाद मीडिया में आक्रोश देखा जा रहा है। फील्ड में काम करने वाले रिपोर्टरों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
